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Monday, 2 March, 2026
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आई-पैक छापेमारी मामले में ईडी की न्यायालय में याचिका पोषणीय नहीं : बंगाल सरकार का हलफनामा

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नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा)पश्चिम बंगाल सरकार ने उच्चतम न्यायालय में जवाबी हलफनामा दाखिल करके आई-पैक कार्यालय पर छापेमारी के दौरान राज्य मशीनरी की ओर से किये गए हस्तक्षेप के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दाखिल याचिका की पोषणीयता को चुनौती दी है।

राज्य सरकार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में इसी तरह के एक मामले के लंबित होने का हवाला दिया है।

न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने 15 जनवरी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल सरकार, राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को ईडी की याचिका पर नोटिस जारी किया था। ईडी ने उन पर राजनीतिक परामर्श कंपनी आई-पैक (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के परिसरों पर छापे में कथित रूप से बाधा डालने के मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई)से जांच कराने का अनुरोध किया है।

उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि ईडी की जांच में मुख्यमंत्री द्वारा कथित तौर पर ‘बाधा डालना’ ‘बहुत गंभीर’ मामला है। साथ ही इस मामले पर सुनवाई करने पर सहमति जताई थी कि क्या राज्य की कानून लागू करने वाली एजेंसियां ​​किसी गंभीर अपराध की केंद्रीय एजेंसी की जांच में हस्तक्षेप कर सकती हैं।

शीर्ष अदालत ने ईडी के उन अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर भी रोक लगा दी थी, जिन्होंने आठ जनवरी को आई-पैक के कार्यालय और प्रमुख के आवास पर छापेमारी की कार्रवाई की थी।

ईडी की याचिका पर अपना जवाब दाखिल करते हुए तृणमूल कांग्रेस नीत बंगाल सरकार ने कहा कि चूंकि इसी तरह का एक मामला कलकत्ता उच्च न्यायालय में लंबित है, इसलिए दो संवैधानिक अदालतों के समक्ष ‘‘समानांतर कार्यवाही’’ नहीं हो सकती है।

इसमें यह भी कहा गया कि केंद्रीय एजेंसी को उच्चतम न्यायालय के समक्ष रिट याचिका दायर करने का मौलिक अधिकार नहीं है।

राज्य सरकार ने यह भी दावा किया गया कि ईडी के पास ‘व्यापक तलाशी और जब्ती’ करने का अधिकार नहीं था और एजेंसी ने विशेषाधिकार प्राप्त संवाद का उल्लंघन किया था।

ईडी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि कथित कोयला चोरी घोटाले के संबंध में आई-पैक कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के परिसर में तलाशी अभियान में मुख्यमंत्री सहित राज्य सरकार द्वारा बाधा डाली गई थी।

संघीय जांच एजेंसी ने दावा किया है कि ममता बनर्जी परिसर में जबरन दाखिल हुईं और जांच से संबंधित ‘महत्वपूर्ण’ सबूत अपने साथ ले गईं।

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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