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Monday, 2 February, 2026
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समीर वानखेड़े को मिली राहत को चुनौती देने वाली केंद्र की याचिका पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा

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(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्र की उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें 2021 के कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग कांड मामले में आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही को रद्द करने के आदेश को चुनौती दी गई है।

न्यायमूर्ति अनिल क्षतरपाल और न्यायमूर्ति अमित महाजन की पीठ ने केंद्र और वानखेड़े के वकीलों की बात सुनने के बाद मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण के 19 जनवरी के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) द्वारा 18 अगस्त, 2025 को वानखेड़े को जारी किए गए ‘आरोप ज्ञापन’ को रद्द कर दिया गया था।

भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के 2008 बैच के अधिकारी वानखेड़े 2021 में मुंबई स्थित स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) में अपने कार्यकाल के दौरान बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग कांड में फंसाने की धमकी देकर उनके परिवार से कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये की मांग करने को लेकर सुर्खियों में आए थे।

वानखेड़े ने न्यायाधिकरण के समक्ष आवेदन दायर कर सीबीआईसी द्वारा उनके खिलाफ की जा रही अनुशासनात्मक जांच को चुनौती दी थी। सीबीआईसी ने यह अनुशासनात्मक कार्रवाई इसलिए की थी क्योंकि वानखेड़े पर आरोप था कि एजेंसी से मुक्त होने के बाद उन्होंने एनसीबी के कानूनी विभाग से जांच से संबंधित गोपनीय जानकारी मांगी थी।

वानखेड़े पर यह भी आरोप लगाया गया कि उन्होंने एनसीबी के कानूनी अधिकारी से यह ‘आश्वासन’ मांगा था कि जांच ‘उनकी इच्छा के अनुसार’ की जाए।

केंद्र के वकील ने सोमवार को तर्क दिया कि अनुशासनात्मक कार्यवाही को “दुर्भावनापूर्ण” बताने वाला सीएटी का निष्कर्ष महज एक “निरर्थक दावा” था, जो रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आलोक में टिक नहीं सकता।

भाषा प्रशांत राजकुमार

राजकुमार

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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