जम्मू, दो फरवरी (भाषा) पर्यटन को अब भी जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को कहा कि सुरक्षा-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली घटनाओं एवं प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद 1.78 करोड़ पर्यटकों ने पिछले साल इस केंद्रशासित प्रदेश का रुख किया।
सिन्हा ने बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘सुरक्षा संबंधी घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं से उपजी चुनौतियों के बावजूद वर्ष 2025 में इस केंद्रशासित प्रदेश में 1.78 करोड़ पर्यटकों का आगमन हुआ।’’
इस दौरान उपराज्यपाल ने पहलगाम हमले, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पिछले साल आई बाढ़ जैसी घटनाओं का जिक्र किया।
सिन्हा ने बताया कि क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने और रोजगार पैदा करने के लिए पर्यटन को ‘उद्योग का दर्जा’ दिया गया है।
उन्होंने अक्टूबर 2025 में पर्यटकों के लिए पहले क्रिसेंथेमम उद्यान (‘बाग-ए-गुल-ए-दाऊद’) के उद्घाटन की जानकारी दी, जिसका मकसद कश्मीर को हर मौसम के लिए पर्यटन का केंद्र बनाना है।
उन्होंने कहा, ‘‘पचास से अधिक जीवंत किस्मों वाला यह उद्यान कश्मीर को ‘वर्ष भर’ का गंतव्य बनाने के हमारे मिशन में एक रणनीतिक मील का पत्थर है। जिस तरह ट्यूलिप उद्यान हमारे वसंत को परिभाषित करता है उसी तरह ‘बाग-ए-गुल-ए-दाऊद’ पतझड़ का प्रतीक बनने के लिए तैयार है और यह कम भीड़भाड़ वाले समय में पर्यटकों को आकर्षित करेगा।’’
उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र का एक समान विकास सुनिश्चित करने के लिए जम्मू में तीर्थ यात्रा, कश्मीर में साहसिक पर्यटन और सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा देने पर खास जोर दिया गया है।
भाषा प्रचेता सुरेश
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