नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली और दवाओं में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
लोकसभा में केंद्रीय बजट 2025-26 पेश करते हुए, वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद आयुर्वेद को दुनिया भर में पहचान और मान्यता मिली।
उन्होंने कहा कि अच्छी गुणवत्ता के आयुर्वेद उत्पाद जड़ी-बूटियों की पैदावार करने वाले किसानों और इनका प्रसंस्करण करने वाले युवाओं की मदद करते हैं।
वित्त मंत्री ने बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने, प्रमाणन तंत्र के लिए आयुष फार्मेसी और दवा जांच प्रयोगशालाओं को उच्च मानकों पर पहुंचाने और अधिक कुशल लोग उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा।
मंत्री ने कहा, ‘‘प्राचीन भारतीय योग, जिसे दुनिया के कई हिस्सों में पहले से ही सम्मान है, को तब बड़े पैमाने पर वैश्विक पहचान मिली जब प्रधानमंत्री इसे संयुक्त राष्ट्र में ले गए।’’
उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के बाद, आयुर्वेद को भी वैसी ही वैश्विक पहचान मिली।
उन्होंने जामनगर में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के वैश्विक परंपरागत औषधि केंद्र को उन्नत करने का भी प्रस्ताव रखा ताकि पारंपरिक दवाओं के लिए साक्ष्य-आधारित अनुसंधान, प्रशिक्षण और जागरूकता को बढ़ावा दिया जा सके।
भाषा वैभव माधव
माधव
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
