न्यूयॉर्क/नयी दिल्ली, 31 जनवरी (भाषा) अरबपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) से दीवानी धोखाधड़ी के मुकदमे में कानूनी नोटिस लेने को तैयार हो गए हैं। एक अदालती दस्तावेज से यह जानकारी मिली।
इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने रिश्वत देने की योजना के बारे में निवेशकों को गुमराह किया।
न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में एक संघीय अदालत में दायर दस्तावेज, जिसे पीटीआई-भाषा ने देखा है, के अनुसार एसईसी और गौतम तथा सागर अदाणी के अमेरिका स्थित वकीलों ने कहा कि वकील नियामक के कानूनी कागजात स्वीकार करने के लिए सहमत हो गए हैं। इससे न्यायाधीश को अब इस पर फैसला देने की आवश्यकता नहीं होगी कि प्रतिवादियों को नोटिस कैसे तामिल कराया जाए।
यह संयुक्त आवेदन (या समझौता) संबंधित अदालत के समक्ष मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया गया है। यह अमेरिकी कानूनी कार्यवाही में एक मानक प्रक्रियात्मक कदम है, जो मामलों के व्यवस्थित समाधान की अनुमति देता है।
यदि न्यायाधीश सहमति देते हैं, तो संयुक्त आवेदन एसईसी मामले को आगे बढ़ने की अनुमति देगा। साथ ही इससे अदाणी को 90 दिनों के भीतर मामले को खारिज करने का अनुरोध करने या अपना बचाव पेश करने का मौका मिलेगा। इसके बाद एसईसी अगले 60 दिनों के भीतर अपना विरोध दर्ज करा सकता है। प्रतिवादी ऐसे विरोध पर 45 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल कर सकते हैं।
एसईसी ने नवंबर 2024 में एक मुकदमा दायर किया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि इन दोनों ने अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) के बारे में झूठे और भ्रामक विवरण देकर अमेरिकी प्रतिभूति कानूनों का उल्लंघन किया है।
एसईसी की दीवानी शिकायत के अलावा, न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में संघीय अभियोजकों ने अदाणी और अन्य पर सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए भारत में 26.5 करोड़ डॉलर की रिश्वत देने में मदद करने का आरोप लगाया है।
अदाणी समूह ने अपने या संस्थापक परिवार के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को बार-बार नकारा है।
भाषा पाण्डेय
पाण्डेय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
