scorecardresearch
Thursday, 29 January, 2026
होमदेशअर्थजगतसुरक्षित निवेश के रूप में सोने, चांदी की कीमतें बढ़ने की संभावना, महंगाई की चिंता नहीं: समीक्षा

सुरक्षित निवेश के रूप में सोने, चांदी की कीमतें बढ़ने की संभावना, महंगाई की चिंता नहीं: समीक्षा

समीक्षा के मुताबिक, आपूर्ति की स्थिति बेहतर रहने और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में सुधार का असर धीरे-धीरे दिखने से महंगाई का माहौल फिलहाल नरम बना हुआ है.

Text Size:

नई दिल्ली: संसद में गुरुवार को पेश आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि अगले वित्त वर्ष में महंगाई बड़ी चिंता का कारण नहीं बनेगी. हालांकि, वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते सुरक्षित निवेश के रूप में मांग बढ़ने से सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी हो सकती है.

समीक्षा के मुताबिक, आपूर्ति की स्थिति बेहतर रहने और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में सुधार का असर धीरे-धीरे दिखने से महंगाई का माहौल फिलहाल नरम बना हुआ है.

आगे के अनुमान पर नजर डालें तो मजबूत कृषि उत्पादन, वैश्विक जिंस कीमतों में स्थिरता और लगातार सतर्क नीतियों के कारण महंगाई के तय लक्ष्य दायरे में रहने की उम्मीद है. इसे एक सकारात्मक संकेत बताया गया है.

हालांकि, विनिमय दर में उतार-चढ़ाव, मूल धातुओं की कीमतों में तेजी और वैश्विक अनिश्चितताओं से जुड़े जोखिम अभी खत्म नहीं हुए हैं. इन पर लगातार नजर रखने और जरूरत के मुताबिक नीतिगत कदम उठाने की जरूरत होगी.

आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि जब तक दुनिया में स्थायी शांति नहीं बनती और व्यापारिक युद्ध खत्म नहीं होते, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रह सकती है. अनिश्चित वैश्विक हालात में इन्हें सुरक्षित निवेश माना जा रहा है, जिससे इनकी मांग बनी हुई है.

समीक्षा में यह भी कहा गया कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की महंगाई दर, वित्त वर्ष 2025-26 के मुकाबले कुछ ज्यादा हो सकती है, लेकिन इसके बावजूद महंगाई के चिंता का विषय बनने की संभावना नहीं है.

इसके अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अगले वित्त वर्ष में महंगाई बढ़ने का अनुमान लगाया है. फिर भी, महंगाई चार प्रतिशत के लक्ष्य (दो प्रतिशत ऊपर-नीचे) के दायरे में रहने की उम्मीद है.

आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2025-26 में महंगाई दर 2.8 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2026-27 में चार प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. वहीं, आरबीआई के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 की पहली और दूसरी तिमाही में महंगाई क्रमशः 3.9 प्रतिशत और चार प्रतिशत रह सकती है.

यह खबर ‘भाषा’ समाचार एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ के जरिए ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments