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Thursday, 29 January, 2026
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आर्थिक समीक्षा 2025-26 की मुख्य बातें

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नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को संसद में आर्थिक समीक्षा 2025-26 पेश की।

इसकी मुख्य बातें इस प्रकार हैं-

-वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार 7.4 प्रतिशत और सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान।

-भारत की संभावित वृद्धि दर लगभग सात प्रतिशत आंकी गई है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है।

-केंद्र सरकार की राजस्व प्राप्तियां वित्त वर्ष 2024-25 (अस्थायी) में बढ़कर जीडीपी के 9.2 प्रतिशत पर पहुंच गईं।

-सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां सितंबर, 2025 में घटकर 2.2 प्रतिशत पर आ गईं, जो कई दशक का निचला स्तर है।

-प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत मार्च, 2025 तक 55.02 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें से 36.63 करोड़ खाते ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं।

– वित्त वर्ष 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) के दौरान 2.35 करोड़ डीमैट खाते जोड़े गए, जिससे इनकी कुल संख्या 21.6 करोड़ से अधिक हो गई। सितंबर, 2025 में विशिष्ट निवेशकों की संख्या 12 करोड़ के पार पहुंच गई जिनमें लगभग 25 प्रतिशत महिलाएं हैं।

– भारत की वैश्विक वस्तु निर्यात में हिस्सेदारी 2005 से 2024 के बीच एक प्रतिशत से करीब दोगुनी होकर 1.8 प्रतिशत हो गई।

-सेवा निर्यात वित्त वर्ष 2024-25 में 13.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 387.6 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया।

-भारत दुनिया में धन प्रेषण (रेमिटेंस) प्राप्त करने वाला सबसे बड़ा देश बना हुआ है, जहां वित्त वर्ष 2024-25 में यह प्रवाह बढ़कर 135.4 अरब डॉलर हो गया।

-16 जनवरी, 2026 तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 701.4 अरब डॉलर हो गया, जो 11 माह के आयात और 94 प्रतिशत बाह्य ऋण के लिए पर्याप्त है।

-अप्रैल-दिसंबर, 2025 के दौरान घरेलू मुद्रास्फीति औसतन 1.7 प्रतिशत रही।

-वर्ष 2024-25 में खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 35.77 करोड़ टन होने का अनुमान है जो पिछले वर्ष की तुलना में 254.3 लाख टन अधिक है।

-प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत शुरुआत से अब तक 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि पात्र किसानों को जारी की जा चुकी है।

-‘विकसित भारत–जी राम जी’, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का एक व्यापक वैधानिक सुधार है। इसका उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को विकसित भारत 2047 के दीर्घकालिक दृष्टिकोण के अनुरूप बनाना है।

-वित्त वर्ष 2025-26 की पहली और दूसरी तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र का जीवीए क्रमशः 7.72 प्रतिशत और 9.13 प्रतिशत बढ़ा, जो संरचनात्मक सुधार को दर्शाता है।

-उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाओं के तहत 14 क्षेत्रों में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का वास्तविक निवेश आकर्षित हुआ है। इससे 18.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त उत्पादन/बिक्री और 12.6 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं (सितंबर, 2025 तक)।

-भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत करीब 1.60 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 10 परियोजनाओं से घरेलू क्षमता मजबूत हुई है।

-उच्च गति गलियारे वित्त वर्ष 2013-14 के 550 किलोमीटर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) में 5,364 किलोमीटर हो गए, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में 3,500 किलोमीटर रेलवे लाइन जोड़ी गई।

-भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार है, जहां हवाई अड्डों की संख्या 2014 में 74 से बढ़कर 2025 में 164 हो गई।

-बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के लिए ऐतिहासिक मोड़ आया है जिन्होंने वित्त वर्ष 2024-25 में पहली बार 2,701 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया।

-भारत नवीकरणीय ऊर्जा और स्थापित सौर क्षमता में वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है।

-जनवरी, 2026 तक ई-श्रम पोर्टल पर 31 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं जिनमें 54 प्रतिशत महिलाएं हैं।

भाषा निहारिका अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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