नागपुर/अलाप्पुझ्झा/गुवाहाटी, 25 जनवरी (भाषा) पद्म पुरस्कारों के लिए नामित विभिन्न हस्तियों ने अपनी-अपनी तरह से इस पर प्रतिक्रियाएं दी हैं। पद्मश्री के लिए नामित पर्यावरणविद् कोल्लाक्कयिल देवकी अम्मा ने जहां इस सम्मान को अपने कार्यों के लिए ईश्वर की मान्यता बताया, वहीं रक्षा उत्पादक सोलर ग्रुप के संस्थापक-अध्यक्ष सत्यनारायण नुवाल ने कहा कि पद्मश्री के लिए चुना जाना उनके लिए गर्व की बात है, जो उन्हें देश के लिए और अधिक योगदान के लिए प्रेरित करेगा।
पद्म पुरस्कारों की घोषणा के बाद अलाप्पुझा में पत्रकारों से बातचीत में देवकी अम्मा ने कहा कि उन्हें ईश्वर की कृपा से इस पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले तो मैं धरती माता को धन्यवाद देती हूं। मेरे बच्चों और पोते-पोतियों ने हमेशा मेरा साथ दिया है।’’
कायमकुलम के पास कंदलूर पंचायत के पुथियाविला की मूल निवासी देवकी अम्मा ने वर्षों में अपनी 4.5 एकड़ जमीन को 3,000 से अधिक पेड़-पौधे लगाकर जंगल में बदल दिया है।
नागपुर निवासी नुवाल ने कहा, ‘‘यह मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है। यह (सम्मान) मुझे देश के लिए और अधिक योगदान के लिए प्रोत्साहित करेगा। देश के लिए मैं और क्या कर सकता हूं, यह देखना मेरा नैतिक कर्तव्य होगा।’’
असम के कार्बी आंगलोंग पहाड़ियों की लोक गायिका पोखिला लेखथेपी पद्मश्री पुरस्कारों के लिए चुने जाने की खबर सुनकर ‘खुश तो हैं, लेकिन हैरान भी’ हैं।
‘सुरों की रानी’ के नाम से मशहूर 72 वर्षीय गायिका ने पांच दशकों तक अपने गीतों से राज्य के लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई है और इस दौरान कई पुरस्कार जीते हैं।
लेखथेपी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं, लेकिन साथ ही आश्चर्यचकित भी हूं कि कार्बी आंगलोंग के दूरस्थ क्षेत्र से आने वाली मुझ जैसी गायिका को केंद्र सरकार द्वारा सम्मानित किया गया है।’’
मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के हल्ली वार ने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि उनके काम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और उन्हें पद्म श्री पुरस्कार के लिए चुना जाएगा। वार ने कहा कि यह सम्मान (पद्म पुरस्कार) उनके लिए गर्व और उत्साह दोनों का कारण है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि हमारे गांव में किए जाने वाले काम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। मैं आभारी और खुश हूं कि अब लोग हमारे पारंपरिक ज्ञान के महत्व को समझ रहे हैं।’’
भाषा सुरेश सुभाष
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