(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को कहा कि शेष राज्यों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण जल्द ही शुरू किया जाएगा, क्योंकि ‘शुद्ध’ मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है।
निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर कुमार ने कहा कि वर्तमान में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पुनरीक्षण प्रक्रिया ‘सुचारू रूप से’ संचालित की जा रही है।
आयोग का स्थापना दिवस राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा,‘‘ निष्पक्ष मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है। इसी उद्देश्य से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू किया गया था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और प्रत्येक अपात्र नाम को हटा दिया जाए।’’
कुमार ने बताया कि बिहार में यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है और असम में मतदाता सूचियों का ‘विशेष पुनरीक्षण’ अलग से जारी है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसे (एसआईआर) जल्द ही शेष राज्यों में किया जाएगा।’’
कुमार ने कहा, ‘‘बिहार में एसआईआर की सफलता का सबसे ठोस प्रमाण यह था कि अंतिम मतदाता सूची के खिलाफ एक भी अपील दायर नहीं की गई, जिससे इसकी पवित्रता और विश्वसनीयता स्थापित हुई।’’
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि ‘इस मजबूत आधार’ पर कराया गया चुनाव ऐतिहासिक साबित हुआ, जिसमें 1951 के बाद से सबसे अधिक 67.13 प्रतिशत मतदान हुआ तथा महिला मतदाताओं की भागीदारी दर अभूतपूर्व रूप से 71.78 प्रतिशत रही।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने युवा मतदाताओं से गलत सूचना, भ्रामक जानकारी और झूठे दावों के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करने का आह्वान करता हूं। इसके लिए यह आवश्यक है कि वे चुनावी प्रक्रियाओं और निर्वाचन आयोग की विभिन्न पहलों के बारे में पूरी तरह से अवगत रहें।’’
भारत के गणतंत्र बनने से एक दिन पहले, 25 जनवरी 1950 को निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी।
भाषा राजकुमार दिलीप
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