मुंबई, 23 जनवरी (भाषा) रुपया शुक्रवार को कारोबार के दौरान 41 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.99 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा की निरंतर निकासी और अस्थिर भू-राजनीतिक स्थिति से घरेलू मुद्रा पर दबाव पड़ा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हस्तक्षेप से अस्थिरता कुछ हद तक कम हो रही है लेकिन घरेलू मुद्रा के समग्र नकारात्मक रुझान में कोई बदलाव नहीं आ रहा है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.45 पर खुला। शुरुआती कारोबार में इसने 91.41 का उच्च स्तर छुआ लेकिन जल्द ही इसमें गिरावट आई और यह रिकॉर्ड निचले स्तर 91.99 पर पहुंच गया जो पिछले बंद भाव से 41 पैसे की गिरावट दर्शाता है।
रुपया बृहस्पतिवार को सात पैसे की बढ़त के साथ 91.58 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.38 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजार के मोर्चे पर सेंसेक्स 797.94 अंक टूटकर 81,509.43 अंक पर जबकि निफ्टी 240.55 अंक फिसलकर 25,049.35 अंक पर कारोबार कर रहा था।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 64.76 डॉलर प्रति बैरल रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बृहस्पतिवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 2,549.80 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा निहारिका निहारिका रमण
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