नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में बृहस्पतिवार को सोना और चांदी के दाम रिकॉर्ड स्तर से नीचे आ गए। कमजोर वैश्विक संकेतों और सुरक्षित निवेश की मांग में कमी आने के बीच मुनाफावसूली होने से दोनों कीमती धातुओं में गिरावट आई।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने कहा कि 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 2,500 रुपये यानी 1.56 प्रतिशत गिरकर 1,57,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर आ गया। पिछले सत्र में यह अब तक के उच्चतम स्तर 1,59,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
चांदी ने भी अपनी लगातार नौ दिनों की रिकॉर्ड तेजी पर विराम लगाते हुए 14,300 रुपये यानी 4.3 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की और 3,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर बंद हुई। इससे पहले सत्र में चांदी 11,300 रुपये चढ़कर 3,34,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही थी।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा, ‘ सुरक्षित निवेश की मांग घटने और रिकॉर्ड तेजी के बाद मुनाफावसूली के चलते सोना और चांदी अपने उच्चतम स्तर से नीचे आए।’
उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कुछ यूरोपीय देशों पर शुल्क लगाने की धमकी को वापस लिए जाने और ग्रीनलैंड को लेकर भविष्य के समझौते के ढांचे की घोषणा के बाद बाजार धारणा में सुधार हुआ।
गांधी ने कहा कि इन टिप्पणियों से जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ी, जिससे निवेशकों ने सुरक्षित परिसंपत्तियों में अपने दीर्घावधि दांव को घटा दिया।
एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध उपाध्यक्ष जतिन त्रिवेदी ने कहा कि भू-राजनीतिक जोखिमों में नरमी आने से घरेलू बाजारों में हल्की मुनाफावसूली देखने को मिली। वहीं, ट्रंप की भारत के साथ अच्छे व्यापार समझौते की टिप्पणी से भी सोना-चांदी पर दबाव बना रहा।
फॉरेक्स डॉट कॉम के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 8.80 डॉलर यानी 0.18 प्रतिशत फिसलकर 4,822.65 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। बुधवार को यह 4,888.22 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर को छूने के बाद 4,836.67 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक प्रवीण सिंह ने कहा कि विश्व आर्थिक मंच में ग्रीनलैंड को बलपूर्वक अधिग्रहण से ट्रंप के इनकार के बाद सोने पर दबाव बढ़ा है। हालांकि भू-राजनीतिक चिंताएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं, जिससे आगे चलकर सोने को सहारा मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि आगामी बजट में आयात शुल्क बढ़ने की संभावना से भी घरेलू स्तर पर सोने की कीमतों को समर्थन मिल सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 0.27 प्रतिशत बढ़कर 93.36 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। इससे पहले यह मंगलवार को 95.89 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी।
चॉइस ब्रोकिंग के जिंस एवं मु्द्रा विश्लेषक आमिर मकदा ने कहा कि अपने रिकॉर्ड स्तर से चांदी में आई गिरावट वैश्विक जोखिम धारणा में बदलाव का संकेत है। लंबी अवधि में औद्योगिक मांग इसे सहारा दे सकती है, लेकिन फिलहाल व्यापार युद्ध से जुड़ी अनिश्चितता कम होने से भारी मुनाफावसूली देखी जा रही है।
कोटक सिक्योरिटीज में सहायक उपाध्यक्ष (जिंस शोध) कायनात चेनवाला ने कहा कि अमेरिका के अहम महंगाई आंकड़ों और जापान के केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति बैठक से पहले सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
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