नई दिल्ली: सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने गुरुवार को क्रोएशिया में भारतीय दूतावास पर खालिस्तान के चिन्ह वाला झंडा लगाया, वहां परिसर में तोड़फोड़ की और गणतंत्र दिवस पर भारत पर हमले की धमकी दी.
इस घटना के बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने “भारत-विरोधी तत्वों” द्वारा की गई “अनधिकृत घुसपैठ और तोड़फोड़” की कड़ी निंदा की.
घटना के बाद जारी अपने वीडियो बयान में पन्नू ने कहा, “जब पंजाब को भारतीय कब्ज़े से आज़ाद करा लिया जाएगा, तब तिरंगे की जगह खालिस्तान का झंडा लगाया जाएगा और भारतीय दूतावासों को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ खालिस्तान के दूतावासों में बदल दिया जाएगा.”
वीडियो में दूतावास की सामने की दीवार पर ‘26/01’ और ‘खालिस्तान जिंदाबाद, हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ लिखे हुए दिखाई देते हैं.
बताया गया है कि सिख अलगाववादी ने कहा कि 26 जनवरी को उसका निशाना दिल्ली है. इसके बाद उसने इंडिया गेट के ऊपर स्नाइपर के निशान वाली एक तस्वीर भी दिखाई.
अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता रखने वाले पन्नुन को भारत सरकार ने 2020 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत व्यक्तिगत आतंकवादी घोषित किया था.
अपने ताज़ा वीडियो में उसने भारतीय सरकार पर “पंजाब में जातीय सफाए” का आरोप लगाया और कहा कि सिख “अस्तित्व के संकट” का सामना कर रहे हैं.
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए MEA ने कहा कि वियना कन्वेंशन के तहत राजनयिक परिसरों की पवित्रता बनी रहती है और उनकी सुरक्षा अनिवार्य है.
मंत्रालय ने कहा कि इस मामले को नई दिल्ली और ज़ाग्रेब—दोनों जगह क्रोएशियाई अधिकारियों के सामने सख्ती से उठाया गया है और उनसे इन निंदनीय और गैरकानूनी कार्रवाइयों के दोषियों को जवाबदेह ठहराने को कहा गया है.
बयान में कहा गया, “इस तरह की कार्रवाइयां इनके पीछे के लोगों के चरित्र और मंशा को भी दिखाती हैं और हर जगह की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इस पर ध्यान देना चाहिए.”
पिछले साल सितंबर में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पन्नू के खिलाफ मामला दर्ज किया था. उस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने से रोकने के लिए 11 करोड़ रुपये का इनाम घोषित करने का आरोप है. एनआईए के मुताबिक, उसने “नए खालिस्तान का नक्शा भी जारी किया था, जिसमें पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश शामिल थे.”
अमेरिका में स्थित प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) के संस्थापक पन्नू पर भारत से पंजाब को अलग करने और सिखों के लिए अलग देश खालिस्तान बनाने को बढ़ावा देने के आरोप हैं.
यह एफआईआर तब दर्ज की गई थी, जब गृह मंत्रालय ने एनआईए को विश्वसनीय जानकारी दी कि पन्नू ने लाहौर प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को वर्चुअली संबोधित किया था.
पिछले साल पन्नू उस समय भी सुर्खियों में आया था, जब अमेरिका ने आरोप लगाया कि अमेरिकी धरती पर उसकी हत्या की साजिश में एक पूर्व भारतीय अधिकारी की भूमिका थी. इस कथित हत्या की साजिश में ‘सुपारी देकर हत्या’ के आरोप में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता इस समय अमेरिका की जेल में बंद है. पूर्व R&AW अधिकारी विकास यादव इस मामले में सह-आरोपी हैं.
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