नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार को दो महीने में आशा किरण आश्रय गृह में रहने वाले मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों की शारीरिक एवं स्वास्थ्य स्थिति रिपोर्ट पेश करने का बुधवार को निर्देश दिया।
मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने निर्देश दिया कि पूरी तरह से योग्य चिकित्सक से 700 से अधिक व्यक्तियों की जांच कराई जाए और यदि आवश्यक हो तो उन्हें दवाइयां भी दी जाएं।
दिल्ली सरकार के वकील ने बताया कि इन व्यक्तियों के लिए चिकित्सक और फिजियोथेरेपिस्ट उपलब्ध हैं।
इसके बाद अदालत ने कहा, ‘सब कुछ मौजूद है। इस बात से कोई इनकार नहीं कर रहा, लेकिन वास्तविकता कुछ अलग है।”
इसके अलावा, अदालत ने अधिकारियों को आश्रय गृह की इमारत का एक तकनीकी ऑडिट करने और उसकी स्थिति के बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
‘समाधान अभियान’ की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने यह निर्देश दिया। याचिका में जुलाई 2024 में आशा किरण में रहने वाले 14 लोगों की मौत के मामले में कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।
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