चंडीगढ़, 20 जनवरी (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पार्टी में दलितों के प्रतिनिधित्व को लेकर जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के बयान पर मंगलवार को टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर कोई ‘जात-पात’ (जातिवाद) के नाम पर राजनीति करने की सोचेगा, तो वह बर्बाद हो जाएगा।
इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि वह कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं और रहेंगे।
वडिंग ने चन्नी के बयान के बाद उठे विवाद में पड़ने से इनकार करते हुए कहा कि अगर पार्टी आलाकमान पूछेगा तो वह अपने विचार रखेंगे।
शनिवार को पार्टी के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ की बैठक के दौरान पार्टी में दलितों के अधिक प्रतिनिधित्व की मांग कर रहे चन्नी का एक वीडियो ऑनलाइन सामने आने के बाद कांग्रेस की पंजाब इकाई में दो फाड़ सामने आई थी।
वीडियो में चन्नी को यह कहते सुना गया, “अगर आप यह मानते हैं कि पंजाब में दलितों की आबादी 35-38 प्रतिशत है, जो कि सच है, तो हमें प्रतिनिधित्व क्यों नहीं मिल रहा?”
उन्होंने कहा, “पंजाब (कांग्रेस) अध्यक्ष उच्च जाति से हैं, कांग्रेस विधायक दल के नेता उच्च जाति से हैं, कांग्रेस की पंजाब इकाई की महिला शाखा की प्रमुख उच्च जाति से हैं, पंजाब (कांग्रेस) के महासचिव उच्च जाति से हैं। हम कहां जाएं?”
जालंधर से सांसद चन्नी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी विशेष जाति या समुदाय के खिलाफ बात नहीं की और वह ऑनलाइन दुर्भावनापूर्ण प्रचार का शिकार हुए हैं।
चन्नी की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर वडिंग ने कहा कि वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
वडिंग ने कहा, “ऐसे मुद्दों पर (प्रदेश के) अध्यक्ष कोई बयान नहीं देते बल्कि इसे पार्टी के मंच पर रखते हैं।”
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
नेत्रपाल
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