नयी दिल्ली, 20 जनवरी (भाषा) लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने तिहाड़ जेल में वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा स्थापित करने के लिए निविदा जारी की है। आधिकारिक दस्तावेजों में यह जानकारी सामने आयी है।
दस्तावेजों के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य कुछ मामलों में कैदियों की डिजिटल तरीके से अदालत में पेशी को सुविधाजनक बनाना है।
निविदा विवरण के अनुसार, इस जेल परिसर परियोजना की अनुमानित लागत 9,52,445 रुपये निर्धारित की गई है।
कार्य शुरू होने की तारीख से एक महीने के भीतर इसे पूरा करने का समय निर्धारित किया गया है।
लोक निर्माण विभाग अदालती वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग कक्षों का निर्माण करेगा, जिससे खतरे की आशंका वाले या किसी बीमारी से ग्रसित कैदियों को अदालतों से मंजूरी मिलने के बाद डिजिटल रूप से पेश किया जा सकेगा।
नई दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल के केंद्रीय कारागार-1 परिसर में अदालत के वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग कक्षों के निर्माण के लिए विद्युत कार्यों के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।
निविदा दस्तावेज के अनुसार, यह कार्य वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग प्रायोगिक परियोजना के अंतर्गत किया जा रहा है।
विद्युत कार्यों में परिसर में प्रस्तावित अदालत कक्षों के लिए आवश्यक आंतरिक विद्युतीकरण शामिल है।
निविदा में बताया गया कि सभी विद्युत कार्य सीपीडब्ल्यूडी के लागू विद्युत निर्देशों और निविदा शर्तों के अनुसार किए जाएंगे।
निविदा में तिहाड़ जेल के केंद्रीय कारागार-1 परिसर में अदालत के वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग कक्षों के लिए आंतरिक विद्युतीकरण कार्य, बिजली आपूर्ति व्यवस्था और विद्युत स्थापना सहायता का प्रावधान है।
इसमें तार लगाने का काम, वितरण बोर्डों की स्थापना, विद्युत पैनलों और अन्य संबंधित विद्युत फिटिंग करना भी शामिल है।
भाषा जितेंद्र माधव
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