scorecardresearch
Tuesday, 20 January, 2026
होमदेशअर्थजगतम्यूचुअल फंड निकाय ने कर राहत, ऋण कोष के लिए 'इंडेक्सेशन' लाभ बहाल करने की मांग की

म्यूचुअल फंड निकाय ने कर राहत, ऋण कोष के लिए ‘इंडेक्सेशन’ लाभ बहाल करने की मांग की

Text Size:

नयी दिल्ली, 20 जनवरी (भाषा) एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) ने सरकार से आगामी बजट 2026-27 में ऋण (बॉन्ड) कोष के लिए ‘इंडेक्सेशन’ लाभों को बहाल करने की मांग की।

एम्फी ने साथ ही म्यूचुअल फंडों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के समान कर लाभों के साथ पेंशन आधारित योजनाएं पेश करने की अनुमति देने का आग्रह भी किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को लोकसभा में आम बजट पेश करेंगी।

इंडेक्सेशन वह तरीका है, जिससे निवेश पर होने वाले मुनाफे में महंगाई को समायोजित किया जाता है, जिससे कर का बोझ कम हो जाता है।

म्यूचुअल फंड निकाय ने खुदरा और दीर्घकालिक निवेशकों को अधिक राहत देने के लिए इक्विटी निवेश से होने वाले दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) पर कर मुक्त छूट की सीमा बढ़ाने की भी मांग की है।

वित्त वर्ष 2026-27 के आम बजट के लिए अपनी सिफारिशों में एम्फी ने सरकार से इक्विटी एलटीसीजी (एलटीसीजी) के लिए कर मुक्त छूट की सीमा को 1.25 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने का आग्रह किया है।

उसने कहा, ”म्यूचुअल फंड उद्योग में स्थिर दीर्घकालिक पूंजी को प्रोत्साहित करने के लिए पांच वर्ष से अधिक समय तक रखी गई इकाइयों पर दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ से छूट की सिफारिश की गई है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि निवेशक लंबी अवधि तक निवेशित रहें।”

इसके साथ ही एम्फी ने म्यूचुअल फंड की ऋण योजनाओं के लिए दीर्घकालिक इंडेक्सेशन लाभ को बहाल करने का अनुरोध किया है, जिसे बजट 2024 में वापस ले लिया गया था।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments