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Tuesday, 20 January, 2026
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नीति आयोग की महिला सुरक्षा योजनाओं पर रिपोर्ट सार्वजनिक होनी चाहिए: सीआईसी

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(मोहित सैनी)

नयी दिल्ली, 20 जनवरी (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने कहा है कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित महिला सुरक्षा योजनाओं पर नीति आयोग द्वारा तैयार की गईं तृतीय-पक्ष मूल्यांकन रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।

सीआईसी ने कहा कि इस तरह की योजनाओं के कार्यान्वयन, दक्षता और प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने वाली ये रिपार्ट संस्थागत रूप से स्वतंत्र एवं साक्ष्य-आधारित आकलन हैं जिनका उद्देश्य नीति सुधार और बेहतर शासन है।

इसने कहा कि ये ‘‘भारत सरकार द्वारा गठित सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का स्वतंत्र एवं वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन’’ हैं।

हाल में एक आदेश में, सूचना आयुक्त पी आर रमेश ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित महिला सुरक्षा योजनाओं, जिनमें ‘वन-स्टॉप सेंटर’ और महिला हेल्पलाइन योजनाएं शामिल हैं, और नीति आयोग द्वारा उनके मूल्यांकन से संबंधित रिकॉर्ड मांगने वाले एक आरटीआई आवेदन पर कार्रवाई की।

सीआईसी ने मंत्रालय के इस रुख का समर्थन करते हुए कि आंतरिक फाइल नोटिंग के लगभग 1,870 पृष्ठों की आपूर्ति से सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत ‘‘सार्वजनिक प्राधिकरण के संसाधनों का दुरुपयोग’’ होगा, मूल्यांकन रिपोर्ट के सक्रिय प्रकटीकरण पर टिप्पणियां कीं।

आदेश में कहा गया कि ‘‘पारदर्शिता और जन-जागरूकता के हित में, तीसरे पक्ष की मूल्यांकन रिपोर्ट, विशेष रूप से सार्वजनिक कोष से वित्तपोषित महिला सुरक्षा और कल्याण योजनाओं के कार्यान्वयन एवं प्रभावशीलता का आकलन करने वाली रिपोर्ट, सार्वजनिक की जाएं’’।

मंत्रालय से जुड़े एक संबंधित मामले में, सीआईसी ने आरटीआई अधिनियम के तहत स्वतः प्रकटीकरण के महत्व को भी दोहराया।

आदेश में कहा गया, ‘‘सार्वजनिक प्राधिकरण (संबंधित मंत्रालय) को सलाह दी जाती है कि वह अपनी वेबसाइट पर सफल बोलीदाता (कंपनी का नाम), अनुबंध की राशि, अनुबंध के पूरा होने की तिथि, कार्यक्षेत्र, समय-समय पर पूर्ण किए गए कार्य के प्रतिशत आदि के बारे में अधिकतम जानकारी स्वतः ही सार्वजनिक करने के लिए आवश्यक कदम उठाए।’’

आयोग ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से कहा कि इस तरह के खुलासे से सुविज्ञ सार्वजनिक चर्चा को बढ़ावा मिलेगा, जवाबदेही बढ़ेगी और शासन में सुधार होगा।

भाषा तान्या नेत्रपाल

नेत्रपाल

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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