नागपुर (महाराष्ट्र), 18 जनवरी (भाषा) हाल में हुए अमरावती नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 22 उम्मीदवारों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को पत्र लिखकर पूर्व सांसद नवनीत राणा को पार्टी के खिलाफ प्रचार करने के आरोप में निष्कासित करने की मांग की है।
इन 22 शिकायतकर्ताओं में से दो उम्मीदवार 15 जनवरी को हुए निकाय चुनावों में जीत गए जबकि 20 को हार का सामना करना पड़ा।
इन नेताओं ने आरोप लगाया कि अमरावती से पूर्व लोकसभा सदस्य नवनीत राणा ने भाजपा के उम्मीदवारों को ‘‘डमी’’ (नाममात्र के उम्मीदवार) करार दिया और अपने पति रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी के उम्मीदवारों का ‘‘भाजपा के असली उम्मीदवार’’ बताया।
नगर निकाय चुनाव से पहले भाजपा और विधायक रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी ने गठबंधन तोड़ दिया था। भाजपा के एक स्थानीय नेता ने हालांकि कहा था कि नवनीत राणा भाजपा के उम्मीदवारों के लिए प्रचार जारी रखेंगी।
भाजपा ने 87 सदस्यीय अमरावती नगर निगम में 25 सीट जीतीं, युवा स्वाभिमान पार्टी और कांग्रेस को 15-15, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन को 12, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 11, शिवसेना और बहुजन समाज पार्टी को तीन-तीन, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को दो और वंचित बहुजन आघाडी को एक सीट पर जीत मिली।
पिछले चुनाव में भाजपा ने 45 सीट जीती थीं और युवा स्वाभिमान पार्टी को तीन सीट पर जीत हासिल हुई थी।
हार सामना करने वाले 20 उम्मीदवारों और जीतने वाले दो प्रत्याशियों ने शनिवार को फडणवीस को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि उनकी हार जनता के कारण नहीं, बल्कि नवनीत राणा की वजह से हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘हम पार्टी के समर्पित और मेहनती कार्यकर्ता हैं तथा समाज से जुड़े हैं लेकिन इस चुनाव में हमारी हार विपक्ष के कारण नहीं, बल्कि वरिष्ठ भाजपा नेता नवनीत राणा द्वारा पार्टी के खिलाफ खुले तौर पर प्रचार किए जाने के कारण हुई है।’’
उन्होंने नवनीत राणा को भाजपा से निष्कासित करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि अगर उन्हें बाहर का रास्ता नहीं दिखाया गया तो वह भविष्य में अमरावती शहर में पार्टी का अस्तित्व मिटा देंगी।
इस मामले पर पूर्व सांसद ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भाषा सिम्मी जोहेब
जोहेब
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