गुरुग्राम, 16 जनवरी (भाषा) गुरुग्राम पुलिस ने निवेश योजनाओं और ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर की गई धोखाधड़ी में संलिप्तता के आरोप में राजस्थान से नौ लोगों को गिरफ्तार कर साइबर अपराधियों के एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह के दुबई स्थित अपराधियों से संबंध थे और यह लोगों को ‘इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप’ समूहों और धोखाधड़ीपूर्ण लिंक के माध्यम से फंसाता था
साइबर पुलिस की एक टीम ने बुधवार को आरोपियों का पता लगाते हुए उन्हें राजस्थान के कोटा स्थित एक ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कोटा निवासी लेखराज मीणा (25), मनीष (21), अनिल बैरागी (24), सोनू (26), दीपक (25), हिमांशु (23) के रूप में हुई। गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में मध्य प्रदेश का संस्कार उर्फ प्रांशु (24) और गगन पटेल (19) व राजस्थान के बारा का निवासी मनीष (24) हैं।
पुलिस ने उनके पास से 13 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप और 37 एटीएम कार्ड जब्त किए।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने खुलासा किया कि धोखाधड़ी से प्राप्त 24 लाख रुपये ‘माधव एसोसिएटेड कंपनी’ के बैंक खाते में अंतरित किए गए थे।
यह खाता लेखराज मीणा का था, जिसने इसे मनीष को 10,000 रुपये में बेच दिया था। मनीष ने फर्जी किराया समझौते का इस्तेमाल करके अनिल बैरागी का एक फर्जी बैंक खाता भी खोला था, जिसके लिए मनीष को अनिल बैरागी से 40,000 रुपये मिले थे।
एसीपी साइबर, प्रियांशु दीवान ने कहा, ‘जांच से पता चला है कि अनिल बैरागी और संस्कार दुबई में साइबर जालसाजों के साथ मिलीभगत करके काम करते थे।’
उन्होंने कहा, ‘बैरागी ने इस धंधे को चलाने के लिए कोटा में 15,000 रुपये प्रति माह के किराए पर एक फ्लैट लिया था। दुबई में मौजूद धोखेबाजों ने इंस्टेंट मैसेजिंग एप्लिकेशन ग्रुप या ऑनलाइन जुआ साइटों के लिंक मुहैया कराए। एक बार जब पीड़ितों से धोखाधड़ी हो जाती थी, तो पैसा इन बैंक खातों के माध्यम से अंतरित किया जाता था और अंततः दुबई भेज दिया जाता था।’
गिरोह ने धोखाधड़ी से प्राप्त राशि का 70 प्रतिशत दुबई स्थित अपने एजेंटों को भेजा और 30 प्रतिशत कमीशन अपने पास रखा। गिरोह के अन्य सदस्य बैरागी और संस्कार के लिए 15,000 रुपये मासिक वेतन पर काम करते थे।
गुरुग्राम पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि आरोपियों को बृहस्पतिवार को शहर की अदालत में पेश किया गया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
भाषा तान्या पवनेश
पवनेश
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