चंडीगढ़, 16 जनवरी (भाषा) केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को संकेत दिया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पंजाब में अपने दम पर सत्ता में आने में सक्षम है और उसे अपने पूर्व सहयोगी शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के साथ गठबंधन की आवश्यकता नहीं है।
कानून-व्यवस्था और अन्य मुद्दों को लेकर भाजपा की पंजाब इकाई के प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने रेल राज्य मंत्री से जब अकाली दल के साथ भाजपा के गठबंधन की संभावना की अटकलों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि ऐसी कोई चर्चा नहीं हो रही है।
इस बीच, बिट्टू ने कहा, ‘‘अकाली दल में इतने सारे गुट हैं। कोई एक गुट नहीं है। हमें किससे बात करनी चाहिए, हम किससे बात करेंगे?’’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में शिरोमणि अकाली दल की सरकार के वक्त मादक पदार्थों और गुंडागर्दी का बोलबाला था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इन चीजों के लिए गठबंधन हो सकता है?
आम आदमी पार्टी (आप) नेता बलतेज पन्नू ने मीडिया से अलग से हुई बातचीत में कहा कि बिट्टू ने सार्वजनिक रूप से यह कहकर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि बादल के साथ गठबंधन का मतलब पंजाब में ‘चिट्टा’ (सिंथेटिक ड्रग्स) और गैंगस्टरवाद लौटेगा।
पन्नू ने कहा, ‘‘ये साधारण राजनीतिक बयान नहीं हैं। यह ऐसी स्वीकारोक्ति है, जो साफ तौर पर यह साबित करती है कि 2007 से 2017 तक पंजाब को किसने बर्बाद किया।”
उन्होंने यह भी कहा कि उस समय पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और भाजपा की गठबंधन सरकार थी।
पंजाब भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जिसमें उन्होंने राज्य में मान सरकार के दौरान कथित रूप से बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते गैंगस्टरवाद, भ्रष्टाचार और नशे के प्रसार को रोकने में विफल रहने के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का घेराव करने की कोशिश की।
हालांकि, पुलिस ने उन्हें रोक लिया और प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ तथा मनोरंजन कालिया सहित पार्टी के कुछ नेताओं को थोड़ी देर के लिए हिरासत में लिया गया।
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सुरेश माधव
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