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Thursday, 15 January, 2026
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बंगाल में एसआईआर विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकारी कार्यालय में तोड़फोड़

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कोलकाता, 15 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर ज़िले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर बृहस्पतिवार को हुए विरोध प्रदर्शनों के उग्र होने पर एक सरकारी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई जिसमें एक पुलिस निरीक्षक घायल हो गया।

घटना के बाद, निर्वाचन आयोग ने राज्य के जिला प्रशासन को कड़े निर्देश जारी किए हैं।

मुर्शिदाबाद के फरक्का से इसी तरह की घटना की रिपोर्ट आने के एक दिन बाद, चाकुलिया में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के कार्यालय में हिंसा भड़क उठी, जो विधानसभा चुनावों से पहले एसआईआर प्रक्रिया को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव को रेखांकित करती है।

पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों, जिनमें से अधिकांश को एसआईआर सत्यापन सुनवाई के लिए नोटिस मिले थे, ने काहता में राज्य राजमार्ग को सुबह से ही अवरुद्ध कर दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ और भारी जाम लग गया।

प्रदर्शन के दौरान भीड़ कथित तौर पर बीडीओ कार्यालय में जबरदस्ती घुस गई, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को क्षतिग्रस्त कर दिया, सरकारी रिकॉर्ड नष्ट कर दिए और परिसर के कुछ हिस्सों में आग लगा दी।

अधिकारियों ने बताया कि हमले के दौरान मौके पर मौजूद प्रभारी निरीक्षक घायल हो गए, जबकि कई कर्मचारियों को अस्पताल ले जाया गया।

बीडीओ ने चाकुलिया पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई।

शिकायत के अनुसार, सुबह करीब 9:30 बजे लगभग 300 लोगों ने जबरन कार्यालय में घुसने की कोशिश की।

एक अधिकारी ने बताया, “पुलिस के हस्तक्षेप के बावजूद, भीड़ ने कार्यालय में घुसकर सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया।”

उन्होंने बताया कि शुरुआती अनुमान के अनुसार नुकसान लगभग 20 लाख रुपये का है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “स्थिति को देखते हुए इस्लामपुर पुलिस जिले में हाई अलर्ट जारी किया गया है।”

उन्होंने कहा कि अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद संबंधित अधिकारियों से लिखित शिकायत प्राप्त हुई।

अधिकारी ने कहा, “शिकायत के आधार पर सरकारी कार्यालय में तोड़फोड़ के संबंध में मामला दर्ज किया गया है और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू की गई है।”

इन दोहरी घटनाओं के मद्देनजर, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने जिला मजिस्ट्रेट-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश जारी किए और राज्य सरकार के अधिकारियों से बात की।

सीईओ कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

चाकुलिया में हुई हिंसा बुधवार को मुर्शिदाबाद के फरक्का में हुई अशांति के ठीक बाद हुई, जहां तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक मोनिरुल इस्लाम और उनके समर्थकों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर एक बीडीओ कार्यालय में तोड़फोड़ की गई थी।

भाषा

राखी पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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