scorecardresearch
Wednesday, 11 February, 2026
होमदेशबिहार में अवैध वीओआईपी एक्सचेंज मामले की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ली

बिहार में अवैध वीओआईपी एक्सचेंज मामले की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ली

Text Size:

नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ( सीबीआई) ने बिहार के नारायणपुर गांव से संचालित हो रहे एक कथित अवैध फोन एक्सचेंज की जांच अपने हाथ में ले ली है, जो साइबर अपराध करने के लिए अत्याधुनिक सेटअप का उपयोग करके वीओआईपी (वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) कॉल को वॉयस कॉल में परिवर्तित कर रहा था। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

जांच एजेंसी ने इस मामले में मुख्य आरोपी मुकेश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मुकेश कुमार भोजपुर जिले के नारायणपुर गांव में एक एक्सचेंज चला रहा था। इसके अलावा रजा-उल-हक और मुक्तादिर हुसैन के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ है। ये दोनों मालदा में ‘पॉइंट ऑफ सेल’ ऑपरेटर थे, जिन्होंने कथित तौर पर 67 संदिग्ध सिम कार्ड मुकेश कुमार को बेचे थे।

पिछले साल जुलाई में बिहार पुलिस द्वारा अवैध गतिविधि का खुलासा किए जाने के बाद, राज्य सरकार ने यह मामला सीबीआई को सौंप दिया था।

केंद्र सरकार ने हाल में इस मामले को सीबीआई को सौंपने के लिए एक अधिसूचना जारी की, जिसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने बिहार पुलिस की प्राथमिकी को अपने मामले के रूप में पुनः दर्ज किया।

बिहार पुलिस की डिजिटल खुफिया इकाई ने नारायणपुर में एक उन्नत तकनीक वाले ‘सिम बॉक्स सिस्टम’ का पता लगाया, जिसमें कई सिम कार्ड का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय कॉल और संदेशों को स्थानीय नंबरों के ज़रिए भेजा जा रहा था। यह काम अक्सर गैरकानूनी तरीके से महंगे अंतरराष्ट्रीय कॉल शुल्क से बचने या धोखाधड़ी के लिए किया जाता है, जिससे कॉल स्थानीय लगती है।

यह भी पता चला कि नारायणपुर से इस सेटअप का उपयोग करके विभिन्न नंबरों पर 20,000 से अधिक कॉल किए गए थे।

भाषा

नोमान नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments