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Wednesday, 14 January, 2026
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बजट में अनुसंधान-विकास के लिए रियायतें,किफायती हरित वित्त के उपाय हों शामिल:नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग

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नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग ने वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में अनुसंधान एवं विकास के साथ-साथ इन्गॉट एवं वेफर के विनिर्माण के लिए प्रोत्साहन की मांग की है।

उद्योग जगत ने साथ ही पारेषण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और दीर्घकालिक हरित वित्तपोषण के लिए उपायों की भी मांग की।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करने वाली हैं।

उद्योग जगत के हितधारकों ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा में निरंतर वृद्धि नीतिगत स्पष्टता, आर्थिक रूप से सुदृढ़ उपयोगिताओं और बैंक योग्य बिजली खरीद समझौतों के साथ-साथ वितरित सौर ऊर्जा, भंडारण संबंधी समाधान और ‘हाइब्रिड’ प्रणाली का समर्थन करने के लिए लक्षित हस्तक्षेपों पर निर्भर करेगी।

जैक्सन ग्रुप के चेयरमैन समीर गुप्ता ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का बजट नवीकरणीय ऊर्जा परिवेश में क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए क्षमता संबंधी मुख्य घोषणाओं से ध्यान हटाने का अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे स्थानीय स्रोतों से उत्पन्न बिजली को अपनाने की दिशा में एक स्पष्ट नीतिगत प्रोत्साहन, विशेष रूप से वाणिज्यिक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए ‘रूफटॉप’ सौर और ‘हाइब्रिड’ समाधानों के माध्यम से उत्पादन को विकेंद्रीकृत करने, ग्रिड पर दबाव कम करने एवं व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य तरीके से स्वच्छ ऊर्जा बदलाव को गति देने में मदद करेगा।

ओएमसी पावर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रोहित चंद्र ने कहा कि भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है जिससे वितरित सौर एवं ‘हाइब्रिड’ प्रणालियों को बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए किफायती, दीर्घकालिक हरित वित्त तक पहुंच महत्वपूर्ण हो गई है।

उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वसनीय कार्बन ढांचे के लिए समर्थन स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने में तेजी लाने में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकता है।

प्रीमियर एनर्जीज के मुख्य व्यवसाय अधिकारी विनय रुस्तगी ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा सरकार के लिए एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र रहा है और उद्योग को सौर मॉड्यूल विनिर्माण में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए अनुसंधान एवं विकास तथा इन्गॉट एवं वेफर के घरेलू विनिर्माण के लिए प्रोत्साहन पैकेजों का समर्थन करने वाली घोषणाओं की उम्मीद है।

ग्रिड की तैयारी को एक निरंतर चुनौती बताते हुए वोल्क्स एनर्जी के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पीयूष गोयल ने कहा कि अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली, डिजिटल ग्रिड प्रबंधन और पूर्वानुमान अवसंरचना के लिए वित्तीय सहायता सहित पारेषण तथा ग्रिड आधुनिकीकरण पर अधिक बल देने से बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा का विश्वसनीय अवशोषण सुनिश्चित होगा।

सोलेक्स एनर्जी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक चेतन शाह ने सौर मॉड्यूल, बैटरी एवं भंडारण प्रणालियों के पुनर्चक्रण तथा जिम्मेदार अंत-जीवन प्रबंधन के लिए प्रोत्साहन की आवश्यकता पर भी जोर दिया जिसे उन्होंने एक जुझारू और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार ऊर्जा परिवेश के निर्माण के लिए आवश्यक बताया।

अवाडा ग्रुप के चेयरमैन विनीत मित्तल ने कहा कि उद्योग अगले बजट में पूंजीगत उपकरणों के स्वच्छ प्रौद्योगिकी आधारित विनिर्माण पर सीमा शुल्क छूट, परियोजना वित्तपोषण मानदंडों के तहत भूमि अधिग्रहण की सीमा को आसान बनाने, पुनर्वित्त पूर्व भुगतान दंड की माफी एवं शोधन, उर्वरक, परिवहन जैसे क्षेत्रों में हरित ईंधन की मांग को प्रोत्साहित करने के लिए समर्थन की उम्मीद कर रहा है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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