जयपुर, 12 जनवरी (भाषा) राजस्थान की एक अदालत में दायर याचिका में दावा किया गया कि अजमेर स्थित दरगाह पूर्व में एक ‘शिव मंदिर’ था और दरगाह वाली जगह का सर्वेक्षण कराने का अनुरोध किया गया।
‘महाराणा प्रताप सेना’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने अजमेर की स्थानीय अदालत में यह याचिका दायर की।
याचिका में दावा किया गया, “अजमेर दरगाह पूर्व में शिव मंदिर था और बाद में इसे दरगाह बना दिया गया। इस मामले में पहले राष्ट्रपति को एक याचिका सौंपी गई थी, जिसे राजस्थान के मुख्य सचिव को भेज दिया गया है।”
याचिका में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा सर्वेक्षण कराने का अनुरोध भी किया गया है।
वरिष्ठ वकील एपी सिंह ने कहा कि यह याचिका आज (सोमवार को) अजमेर में जिला न्यायाधीश की अदालत में दायर की गई है।
उन्होंने याचिका में दावा किया, “दरगाह वाली जगह पर भगवान शिव को समर्पित मंदिर था और यह प्राचीन काल का है।”
वर्ष 2024 में हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने भी इसी तरह की याचिका दायर की थी और दावा किया था कि सूफी संत मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह एक मंदिर के ऊपर बनाई गई।
उन्होंने दरगाह को हिंदू मंदिर घोषित करने का अनुरोध किया था।
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