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Monday, 9 February, 2026
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महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने लाडकी बहिन योजना की राशि वितरण के दावे पर रिपोर्ट मांगी

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मुंबई, 12 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोपों के बीच एक मंत्री के इस दावे पर मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है कि मकर संक्रांति से पहले लाडकी बहन योजना की वित्तीय सहायता लाभार्थियों को वितरित कर दी जाएगी।

यह कदम विपक्षी दलों की शिकायतों के बाद उठाया गया, जिन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित धन वितरण का समय, 15 जनवरी को होने वाले 29 महानगर पालिकाओं के चुनावों से पहले महिला मतदाताओं को प्रलोभन देने के समान है।

सूत्रों के मुताबिक, राज्य चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल को सोमवार को रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

‘लाडकी बहिन योजना’ राज्य सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसके तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये की मासिक सहायता मिलती है। इस योजना को 2024 के विधानसभा चुनावों में महायुति की जीत का श्रेय दिया जाता है।

पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में भाजपा नेता और राज्य के मंत्री गिरीश महाजन ने कहा था कि दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की किस्तों को मिलाकर 3,000 रुपये की सहायता राशि मकर संक्रांति से पहले पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी। मकर संक्रांति 14 जनवरी को है।

कांग्रेस की राज्य इकाई के नेता और वकील संदेश कोंडविलकर ने शनिवार को राज्य निर्वाचन आयोग में एक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें दावा किया गया कि भुगतान 14 जनवरी को प्रस्तावित हैं, जो मतदान से एक दिन पहले है और उन्होंने इसे रोकने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के हस्तक्षेप की मांग की।

सूत्रों के अनुसार आयोग ने रविवार को राज्य के मुख्य सचिव को एक पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा और यह भी पूछा कि क्या सरकार चुनाव से ठीक पहले दो महीनों की किश्तें एक साथ जारी करने का इरादा रखती है। आयोग ने सोमवार सुबह 11 बजे तक जवाब देने को कहा है।

विवाद के बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि लाडकी बहिन योजना राज्य सरकार की सतत योजना है और यह चुनाव आचार संहिता के प्रतिबंधों के अंतर्गत नहीं आती है।

हालांकि कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा है कि पार्टी इस योजना के विरोध में नहीं है, लेकिन मतदान की पूर्व संध्या पर दो महीने की सहायता राशि एकसाथ जारी करने पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने इसे आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन बताया है।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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