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Sunday, 11 January, 2026
होमराजनीति'वह कांग्रेस का सदस्य नहीं है': तीसरे बलात्कार केस में राहुल मामकूटाथिल की गिरफ्तारी पर सतीशन का दावा

‘वह कांग्रेस का सदस्य नहीं है’: तीसरे बलात्कार केस में राहुल मामकूटाथिल की गिरफ्तारी पर सतीशन का दावा

पलक्कड़ के इस विधायक के खिलाफ तीसरी यौन उत्पीड़न शिकायत में शारीरिक हमला, आर्थिक शोषण और जबरन गर्भपात जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

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केरल: केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने निष्कासित विधायक राहुल मामकूटाथिल की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस पार्टी की कार्रवाई का बचाव किया. उन्होंने कहा कि औपचारिक शिकायत मिलने से पहले ही पार्टी ने सख्त कदम उठाए थे. सतीशन ने कहा कि पहले मामकूटाथिल को निलंबित किया गया और केपीसीसी अध्यक्ष को शिकायत मिलने के बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया.

कांग्रेस की कार्रवाई को अन्य दलों से ज्यादा कड़ा बताते हुए सतीशन ने कहा, “एक भी शिकायत मिलने से पहले ही हमने उन्हें निलंबित कर दिया था. जब केपीसीसी अध्यक्ष को शिकायत मिली, तो उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया. मंत्री पी. राजीव से कहिए कि वे देखें कि उनकी अपनी पार्टी में ऐसे कितने लोग हैं.”

उन्होंने कहा, “हमारे पास इस समय किसी विधायक से इस्तीफा मांगने का अधिकार नहीं है. वह अब हमारी पार्टी का सदस्य नहीं है, वह पहले ही बाहर है. फिर हम ऐसी मांग कैसे कर सकते हैं. हमारे पास यह अधिकार नहीं है. कानून को अपना काम करने दीजिए और सभी कानूनी प्रक्रियाएं उसी अनुसार चलने दीजिए.”

इस मुद्दे पर अपने लगातार रुख पर जोर देते हुए सतीशन ने कहा, “इस मुद्दे पर मेरा रुख केरल के हर बच्चे को पता है. फिर मुझसे बार-बार वही सवाल क्यों पूछा जा रहा है. इस मुद्दे पर मुझे व्यक्तिगत रूप से कई बार निशाना बनाया गया, लेकिन तब भी मैं डगमगाया नहीं. अब कोई टिप्पणी नहीं. मुझे और कुछ नहीं कहना है. जो करना था, वह पहले ही किया जा चुका है, सिर्फ मेरे द्वारा नहीं, बल्कि पार्टी ने सामूहिक फैसले के बाद किया है.”

इस बीच, राहुल मामकूटाथिल को आज एक नए यौन उत्पीड़न मामले में गिरफ्तारी के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. यह उनके खिलाफ तीसरी शिकायत है. पुलिस ने उन्हें पलक्कड़ में ईमेल के जरिए मिली नई यौन उत्पीड़न शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया.

पलक्कड़ के इस विधायक के खिलाफ तीसरी यौन उत्पीड़न शिकायत में शारीरिक हमला, आर्थिक शोषण और जबरन गर्भपात जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

मामकूटाथिल के खिलाफ पहले दर्ज कथित बलात्कार मामले की जांच अब केरल पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है. सहायक पुलिस महानिरीक्षक जी. पूंगुझली के नेतृत्व में एक विशेष टीम अब इस मामले की जांच करेगी. इस कदम के बाद, निष्कासित विधायक के खिलाफ दर्ज दोनों बलात्कार मामलों की निगरानी एक ही प्राधिकरण के तहत होगी, ताकि अगर और पीड़ित सामने आते हैं तो जांच को एकसाथ किया जा सके.

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि इस मामले में “और भी गंभीर खुलासे” हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि कई महिलाएं अब भी सामने आने में हिचकिचा रही हो सकती हैं. मामकूटाथिल, जिन पर कई यौन उत्पीड़न के आरोप हैं, फिलहाल फरार हैं. मामलों में बलात्कार, बार-बार यौन उत्पीड़न, शादी का झांसा देकर बलात्कार, जबरन गर्भपात और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री भेजने जैसे आरोप शामिल हैं. इन अपराधों में दस साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है.

इससे पहले केरल हाई कोर्ट ने मामकूटाथिल की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी, जबकि सत्र अदालत उनकी याचिका खारिज कर चुकी थी. कांग्रेस ने आरोप सामने आने के बाद उन्हें पहले निलंबित और फिर पार्टी से निष्कासित किया था. पार्टी ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर ‘शून्य सहनशीलता’ की अपनी नीति को दोहराया है.


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