नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की इस महीने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और श्रीलंका की यात्राओं ने ठोस क्षमता-निर्माण पहलों और रणनीतिक संवाद के जरिये दोनों देशों के साथ रक्षा एवं सैन्य सहयोग को ‘‘उल्लेखनीय रूप से आगे बढ़ाया’’ है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इन यात्राओं के संबंध में जानकारी दी।
जनरल द्विवेदी ने पांच एवं छह जनवरी को खाड़ी देश की और सात एवं आठ जनवरी को श्रीलंका की यात्रा की।
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि इन यात्राओं ने पश्चिम एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र में मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग को प्रगाढ़ करने, सेनाओं के बीच सहभागिता बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को और गहरा किया।
इसमें कहा गया कि सेना प्रमुख की दोनों देशों की यात्रा ने ‘‘आपसी विश्वास को मजबूत किया, समन्वित अभियान-संचालन क्षमता को सुदृढ़ किया और एक विश्वसनीय एवं भरोसेमंद रक्षा भागीदार के रूप में भारत की भूमिका को रेखांकित किया।’’
अधिकारियों ने कहा कि सफल संवादों ने हिंद महासागर क्षेत्र और पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता एवं सहयोगात्मक सुरक्षा को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता की पुन: पुष्टि की और मित्र देशों के साथ दीर्घकालिक रक्षा साझेदारियों को और गहरा किया।
यूएई यात्रा के दौरान जनरल द्विवेदी ने यूएई थल सेना के कमांडर सहित यूएई सशस्त्र बलों के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ व्यापक चर्चा की, जिसमें रक्षा क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने, समन्वित अभियान-संचालन क्षमता बढ़ाने तथा संयुक्त प्रशिक्षण एवं पेशेवर सैन्य आदान-प्रदान के अवसरों का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
सेना प्रमुख की यूएई यात्रा खाड़ी देश के प्रेसिडेंशियल गार्ड के कमांडर मेजर जनरल अली सैफ हुमैद अलकाबी की भारत यात्रा के कुछ सप्ताह बाद हुई।
सेना ने पांच जनवरी को ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने यूएई की अपनी यात्रा के तहत यूएई थल सेना के कमांडर मेजर जनरल स्टाफ यूसुफ मायौफ सईद अल हलामी के साथ बातचीत की।’’
उसने कहा, ‘‘चर्चा के दौरान भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच सकारात्मक सैन्य जुड़ाव को बढ़ाने, प्रशिक्षण में समन्वय स्थापित करने और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।’’
जनरल द्विवेदी ने यूएई राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय में अधिकारियों को संबोधित भी किया और इस दौरान उन्होंने रणनीतिक संवाद एवं नेतृत्व विकास के महत्व और क्षेत्रीय एवं वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर साझा दृष्टिकोण को रेखांकित किया।
अधिकारियों ने बताया कि सेना प्रमुख ने यूएई में भारत के राजदूत दीपक मित्तल के साथ भी बातचीत कर रक्षा कूटनीति और सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दो देशों की यात्रा के श्रीलंका चरण में जनरल द्विवेदी ने श्रीलंका सेना के कमांडर, उप रक्षा मंत्री और रक्षा सचिव सहित वरिष्ठ सैन्य एवं असैन्य नेतृत्व के साथ सार्थक चर्चा की और इस दौरान प्रशिक्षण सहयोग, क्षमता निर्माण, रक्षा शिक्षा एवं क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य पर ध्यान केंद्रित किया गया।
उसने बताया कि रक्षा क्षमता निर्माण के प्रति भारत की स्थायी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए जनरल द्विवेदी ने रक्षा सेवा कमान एवं स्टाफ महाविद्यालय (डीएससीएससी) में अधिकारियों को संबोधित किया और आर्मी वॉर कॉलेज, बुट्टाला में अधिकारियों एवं प्रशिक्षुओं के साथ बातचीत की।
बयान के अनुसार, आर्मी वॉर कॉलेज की यात्रा के दौरान उन्होंने एक खेल परिसर की आधारशिला रखी और एंबुलेंस वैन का एक सेट औपचारिक रूप से सौंपा।
इसके बाद उन्होंने श्रीलंका सेना को 20 वाहन और सिम्युलेटर सौंपे, जिससे परिचालन क्षमता और प्रशिक्षण अवसंरचना को और मजबूती मिली।
इसमें कहा गया कि सेना प्रमुख ने भारतीय शांति स्थापना बल युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की और श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा के साथ बातचीत की।
भाषा
सिम्मी दिलीप
दिलीप
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