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Sunday, 1 February, 2026
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कनाडा : इलाज नहीं मिलने के कारण भारतीय मूल के व्यक्ति की मौत, पत्नी ने लगाई इंसाफ की गुहार

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टोरंटो, 26 दिसंबर (भाषा) कनाडा के एक अस्पताल में आठ घंटे से अधिक समय तक इलाज के इंतजार के दौरान कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से भारतीय मूल के एक व्यक्ति की मौत हो गयी। मृतक की पत्नी चाहती है कि अस्पताल के कर्मचारियों को इस कथित लापरवाही के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी।

भारतीय समुदाय के एक नेता ने शनिवार को कनाडा में अस्पताल के बिस्तरों की अपर्याप्तता की ओर ध्यान दिलाया, जिसके कारण कनाडा के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित अल्बर्टा प्रांत की राजधानी एडमोंटन में ग्रे नन्स अस्पताल में देर से प्राथमिक उपचार हुआ और प्रशांत श्रीकुमार की मृत्यु हो गई।

अकाउंटेंट प्रशांत (44) को 22 दिसंबर को काम के दौरान सीने में तेज दर्द होने पर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उन्हें प्राथमिक उपचार कक्ष में भर्ती कराया गया और फिर प्रतीक्षा कक्ष में बैठा दिया गया।

अस्पताल के कर्मचारियों ने प्रशांत का इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) किया, उन्हें दर्द के लिए कुछ टाइलेनॉल की पेशकश दी, लेकिन नर्सों द्वारा प्रशांत के रक्तचाप की जांच किए जाने के बावजूद उन्हें इंतजार कराया गया।

स्थानीय मीडिया के अनुसार आठ घंटे से अधिक समय के बाद जब प्रशांत को आखिरकार उपचार क्षेत्र में बुलाया गया, तो कुछ ही सेकंड में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई।

प्रशांत की पत्नी निहारिका ने शुक्रवार को पोस्टमीडिया से कहा, ‘‘मैं प्रशांत के लिए न्याय चाहती हूं।’’

पोस्टमीडिया नामक मूल कंपनी के समाचार आउटलेट्स में से एक, कैलगरी सन ने कहा, ‘‘वह चाहती हैं कि आपातकालीन विभाग में उनके पति के साथ हुए व्यवहार के लिए अस्पताल के कर्मचारियों को जवाबदेह ठहराया जाए, और उनका सवाल यह है कि क्या इसमें लापरवाही या नस्लवाद की कोई भूमिका थी।’’

निहारिका ने कहा, ‘‘हम सभी कनाडाई नागरिक हैं। हमने इस देश में काम किया है और कर के रूप में बहुत योगदान दिया है, और एक बार जब प्रशांत को चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ी, तो उसे वह नहीं दी गई।’’

कैलगरी सन के अनुसार, प्रशांत के अचानक निधन से निहारिका गहरे सदमे में हैं। साथ ही, उसे यह भी नहीं पता कि वह आर्थिक रूप से अपना और अपने तीन बच्चों (जिनकी उम्र तीन, 10 और 14 वर्ष है) का भरण-पोषण कैसे करेगी।

प्रशांत की तरह निहारिका भी एक अकाउंटेंट हैं। हालांकि, उनके सबसे छोटे बच्चे को चौबीसों घंटे देखभाल की जरूरत होने के कारण, प्रशांत ने परिवार के एकमात्र कमाने वाले की जिम्मेदारी संभाल ली थी।

इसी बीच, परिवार के मित्र और भारतीय समुदाय के नेता वरिंदर भुल्लर ने कहा कि कनाडा की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली लगातार खराब होती जा रही है।

प्रशांत की मौत के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नयी दिल्ली में कहा कि वह कनाडा के नागरिक थे और वहां की सरकार को इस मामले की जांच करनी चाहिए।

उन्होंने मीडिया से कहा, ‘‘वह व्यक्ति भारतीय मूल का है, लेकिन मेरी जानकारी के अनुसार वह कनाडाई नागरिक है। इसलिए इस मामले में कनाडाई सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।’’

भाषा रवि कांत रवि कांत रंजन

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यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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