कोलंबो, 26 दिसंबर (भाषा) श्रीलंका में 2004 में हिंद महासागर में आई विनाशकारी सुनामी की 20वीं बरसी का शुक्रवार को आयोजन किया गया और इसमें जान गंवाने वाले देश के 35,000 से अधिक लोगों को याद किया गया।
राष्ट्रीय समारोह के उपलक्ष्य में सुबह 9:25 से 9:27 बजे के बीच पूरे देश में दो मिनट का मौन रखा गया। 26 दिसंबर 2004 को इसी समय समुद्र की विशाल लहरें देश के तट से टकराई थीं।
मुख्य आयोजन कोलंबो से लगभग 90 किलोमीटर दक्षिण में स्थित पेरालिया में हुआ। पेरालिया में श्रीलंका के इतिहास की सबसे भीषण रेल दुर्घटना हुई थी, जिसमें सुनामी की चपेट में आने से एक यात्री ट्रेन में 1,000 से अधिक लोग मारे गए थे।
कोलंबो सेंट्रल स्टेशन से दक्षिणी शहर मतारा जा रही ‘ओशन क्वीन’ ट्रेन 1,000 फुट से अधिक उंची समुद्री लहरों की चपेट में आ गई, जिससे ट्रेन के कई डिब्बे पलट गए।
सैकड़ों शव बरामद किए गए, लेकिन 141 यात्रियों का आज तक कोई नामोनिशान नहीं मिला। मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करने के लिए ट्रेन को हर साल की तरह सुबह 9:26 बजे पेरालिया में रोका गया ताकि इसमें जान गंवाने वाले लोगों को याद किया जा सके।
पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए घटनास्थल पर तेल के दीपक जलाए गए और प्रार्थनाएं की गईं।
इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप के पास आए 9.1 तीव्रता के भीषण भूकंप के कारण सुनामी आई, जिससे क्षेत्र के कई देश प्रभावित हुए।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश
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