नई दिल्ली: दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को घोषणा की कि 10,000 कक्षाओं में हवा को साफ करने के लिए ‘एयर प्यूरीफायर’ लगाए जाएंगे.
सूद ने संवाददाता सम्मेलन कहा कि सरकार दीर्घकालिक प्रशासनिक उपायों के माध्यम से प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने पिछली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘ हम वे नहीं हैं जो आईआईटी की डिग्री दिखाते हैं और ‘सम-विषम’ या ‘गाड़ी ऑन, गाड़ी ऑफ’ जैसे अभियानों का प्रचार करते हैं. हम प्रदूषण की समस्या को दीर्घकालिक प्रशासनिक उपायों के माध्यम से हल कर रहे हैं.’’
तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नीत आम आदमी पार्टी (आप) सरकार में 2016 में दो बार सम-विषम योजना लागू की गई थी. पहली बार एक से 15 जनवरी तक जबकि दूसरी बार 15 से 30 अप्रैल, 2016 तक यह योजना लागू गई थी.
यह योजना वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी. इसके तहत निजी चार पहिया वाहनों को उनकी पंजीकरण संख्या के अंतिम अंक के आधार पर चलाने अनुमति दी जाती थी. एक दिन सम अंक वाले जबकि अगले दिन विषम अंक वाले वाहन चलते थे.
सूद के अनुसार दिल्ली में 38,000 कक्षाएं हैं, और इनमें चरणबद्ध तरीके से एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे.
उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे स्मार्ट तरीके से पढ़ें और स्वच्छ हवा में सांस लें. पहले चरण में, 10,000 कक्षाओं में एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे.’’
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 1,047 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल हैं.
शहरी मामलों के मंत्री सूद ने कहा कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), पर्यावरण उपकर का उपयोग करते हुए, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए ‘मैकेनिकल रोड स्वीपर’ भी खरीदेगा.
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