रांची, 17 दिसंबर (भाषा) दिल्ली की एक अदालत द्वारा नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को राहत दिए जाने के एक दिन बाद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्य मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और केंद्र एवं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
पार्टी के झंडे थामे प्रदर्शनकारी भाजपा के कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और केंद्र की भाजपा-नीत सरकार से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की।
कांग्रेस के झारखंड इकाई के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि दिल्ली की एक अदालत द्वारा इस मामले में दोनों नेताओं के खिलाफ जांच एजेंसी के धन शोधन के आरोप पर संज्ञान लेने से इनकार किए जाने के बाद सत्य की जीत हुई है।
कमलेश ने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेता नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया और राहुल गांधी पर हमला कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘अब केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को ईडी के माध्यम से अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर गांधी परिवार को बदनाम करने के लिए राष्ट्र से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।’
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पांच अन्य को राहत देते हुए दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर धनशोधन के आरोप पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया।
अदालत ने कहा कि ईडी की जांच किसी प्राथमिकी के आधार पर नहीं, बल्कि एक निजी शिकायत से शुरू हुई थी।
कांग्रेस के झारखंड इकाई के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा, “दिल्ली की एक अदालत के फैसले से यह उजागर हो गया है कि केंद्र सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का दुरुपयोग कर रही है। हम केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि वह कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग बंद करे। अन्यथा जनता उन्हें इसका सबक सिखाएगी।”
इस बीच, कांग्रेस महासचिव और मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने बताया कि पार्टी ने 20 साल पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना को बदलने वाले विधेयक के विरोध में सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन करने का अपना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिया है।
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राखी रंजन
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