पणजी, 17 दिसंबर (भाषा) भारतीय नौसेना ने बुधवार को नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी की उपस्थिति में आईएनएस हंसा नौसैनिक अड्डे पर पनडुब्बी रोधी एमएच-60आर (रोमियो) हेलीकॉप्टरों के दूसरे स्क्वाड्रन-आईएनएएस 335 ‘ओस्प्रे’ को सेवा में शामिल किया।
स्क्वाड्रन को औपचारिक सलामी के बाद नौसेना में शामिल किया गया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में नौसेना प्रमुख ने कहा कि बढ़ते राष्ट्रीय समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना आवश्यक है।
सिंह ने कहा, “आज की यह शुरुआत एक बेहद महत्वपूर्ण क्षण में हो रही है – 2025 में भारत सरकार द्वारा ‘फ्लीट एयर आर्म’ के गठन को मंजूरी दिए जाने के 75 वर्ष पूरे हो गए। इस निर्णय से नौसेना की विमानन इकाई में गति आई जिससे हमारी नौसेना एक शक्तिशाली और बहुआयामी बल बन गई और हमें समुद्र में निर्णायक बढ़त प्राप्त हुई।’’
नौसेना प्रमुख ने आगे कहा कि इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि ठीक 64 वर्ष पहले, वर्ष 1961 में 17/18 दिसंबर की रात को विजय अभियान शुरू किया गया था जिसके तहत भारतीय नौसेना के जहाज पुर्तगालियों से गोवा को मुक्त कराने के लिए उसमें प्रवेश कर गए थे।
उन्होंने याद दिलाया, ‘‘वहां भी नौसेना के विमानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें तत्कालीन आईएनएएस विक्रांत (अपनी विमानन शाखा के साथ) गोवा के मार्गों की सुरक्षा कर रहा था।’’
भारत की समुद्री शक्ति के बारे में बात करते हुए, एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय नौसेना 15 एमक्यू9बी सी गार्डियन आरपीए (रेडियो-ऑपरेशनल मिसाइल सिस्टम) के अधिग्रहण की दिशा में प्रगति कर रही है, जिससे हमारे हित के समुद्री क्षेत्रों में निरंतर समुद्री निगरानी और व्यापक समुद्री क्षेत्र जागरूकता बनाए रखने की हमारी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
भाषा रंजन संतोष
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