पंचकूला (हरियाणा), छह दिसंबर (भाषा) अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर कदम रखने वाले पहले भारतीय शुभांशु शुक्ला ने शनिवार को कहा कि देश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व की बात है।
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुक्ला यहां चार दिवसीय ‘भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान उत्सव’ के एक सत्र में छात्रों सहित विभिन्न लोगों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने छात्रों और उपस्थित लोगों से दृढ़ संकल्प के साथ विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
शुक्ला ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने की जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर है क्योंकि उनकी प्रगति से राष्ट्र प्रगति करेगा।
उन्होंने छात्रों को बताया कि 2018 में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले से घोषणा की कि भारत का कोई बेटा या बेटी जल्द ही अंतरिक्ष में जाएगा तो इससे उन्हें अंतरिक्ष की यात्रा करने की प्रेरणा मिली। तभी से उन्होंने इस दिशा में लगातार प्रयास करना शुरू कर दिया।
उन्होंने कहा कि किसी की परिस्थिति कैसी भी हो, उसे प्रयास करते रहना चाहिए, क्योंकि सफलता निरंतर प्रयासों से ही मिलती है।
भाषा
शुभम धीरज
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