कोटद्वार, छह दिसंबर (भाषा) उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के एक गांव में बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो गयी। महिला अपने घर के समीप ही चारा पत्ती काट रही थी।
इस घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक दिलीप रावत के साथ वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
यह घटना शुक्रवार की शाम लगभग पांच बजे की है। जब जिले के प्रखंड रिखणीखाल में उर्मिला देवी अपनी बहू के साथ घर के निकट मवेशियों के लिए चारा पत्ती काट रही थी। तभी इसी दौरान घर से उनके बच्चे की रोने की आवाज सुनकर बहू प्रिया घर वापस आ गई और उसकी सास उर्मिला देवी चारा पत्ती उठाने लग गई। लेकिन कुछ देर बाद जब उर्मिला घर नहीं पहुंची तो उसकी बहू उनको ढूंढते हुए वहां पहुंची। इधर-उधर ढूंढने पर उसने सास को खेत के पास झाड़ी में देखा। जहां उसका शव पड़ा हुआ था और सामने बाघ भी बैठा हुआ था।
प्रिया का शोर सुनकर ग्रामीण वहां पहुंचे। उसके बाद बाघ जंगल की ओर चला गया।
क्षेत्रीय विधायक दिलीप रावत ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘ जनपद में बाघ, गुलदार और भालू का आतंक छाया हुआ है।’’
उन्होंने इस घटना पर खेद जताते हुए कहा कि यदि सरकार द्वारा जंगली जानवरों के हमलों को रोकने के संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वह अपने पद से त्यागपत्र दे देंगे।
विधायक ने मांग की कि वन कानूनों में क्षेत्र के साथ-साथ राज्य की भौगोलिक परिस्थिति के अनुरूप ढील दी जानी चाहिए।
यह घटना कालागढ़ बाघ अभयारण्य क्षेत्र के एक गांव में हुई।
कालागढ़ बाघ अभयारण्य के प्रभागीय वनाधिकारी तरुण एस ने बताया कि वह घटना स्थल पर पहुंचे थे। उनका कहना है कि लोगों ने एक बड़े जानवर को देखा है वह गुलदार है अथवा बाघ इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। इसके लिए जांच की जा रही है।
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सं, रवि कांत
रवि कांत
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