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Saturday, 11 April, 2026
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मांग बढ़ने से अधिकतर तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

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नयी दिल्ली, छह दिसंबर (भाषा) सर्दियों और शादी-विवाह के मौसम की मांग बढ़ने से स्थानीय बाजार में शनिवार को सोयाबीन तेल-तिलहन, पामोलीन तथा बिनौला तेल के दाम सुधार दर्शाते बंद हुए। दूसरी ओर, ऊंचे दाम पर मांग प्रभावित रहने तथा सटोरिया गतिविधियों के बीच सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन और कच्चा पामतेल (सीपीओ) के भाव स्थिर बने रहे।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि बैंकों का ऋण भुगतान करने की जल्दबाजी और बैंकों में अपने ‘लेटर आफ क्रेडिट (ऋण साखपत्र) को प्रचलन में रखने के मकसद से कुछ आयातक लागत से 6-7 प्रतिशत नीचे दाम पर सोयाबीन डीगम तेल बेच रहे हैं। इससे हाजिर बाजार का दाम टूटा हुआ है। लेकिन इस परिस्थिति की वजह से बाकी आयातकों को भारी नुकसान हो रहा है। इस नुकसान के लंबे कारोबार की वजह से आयातक अपना आयात घटा रहे हैं। आयात की कमी के साथ साथ दिसंबर में शादी विवाह के मौसम की मांग के कारण सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम में सुधार है।

उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने निर्धारित समय से अपना पंजीकरण करा रखा है, सरकार उन किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कुछ मात्रा में ऊपज खरीद रही है। लेकिन यह भी देखा गया है कि किसानों की पूरी ऊपज की खरीद नहीं हो पा रही है। सरकारी खरीद के बाद किसानों के पास बची ऊपज को किसान हाजिर बाजार के कमजोर दाम पर ही बेच दे रहे हैं। हाजिर बाजार का दाम एमएसपी से लगभग 16-17 प्रतिशत कमजोर है।

सूत्रों ने कहा कि सटोरियों द्वारा भाव ऊंचा बोले जाने के कारण पामोलीन के दाम में सुधार दिख रहा है पर ऊंचे भाव तथा जाड़े की मांग कमजोर रहने के बीच पाम-पामेलीन के लिवाल कम ही हैं। शनिवार को मलेशिया एक्सचेंज बंद होने की वजह से कमजोर कामकाज के बीच सीपीओ के दाम तो पूर्वस्तर पर ही बने रहे। इसके आगे की दिशा, सोमवार को एक्सचेंज के खुलने के बाद ही पता लगेगा।

उन्होंने कहा कि नमकीन बनाने वाली कंपनियों की औद्योगिक मांग तथा हल्के तेलों में सबसे सस्ता होने की वजह से बिनौला तेल में भी मामूली सुधार है। हालांकि मंडियों में कपास की आवक निरंतर बढ़ रही है।

सूत्रों ने कहा कि सरसों की बड़ी मिलों के पास सरसों का स्टॉक है और विभिन्न तरीकों से वे सरसों के दाम को बढ़ाने का प्रयास करते दीखते हैं। लेकिन भाव ऊंचा होने की वजह से सरसों की लिवाली प्रभावित है और इस कारण सरसों तेल-तिलहन के दाम स्थिर रहे। सामान्य कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम भी स्थिर बने रहे।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 7,100-7,150 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,175-6,550 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 14,500 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,370-2,670 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,460-2,560 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,460-2,595 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,525 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,150 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,450 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,375 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,575 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,150 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,150 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 4,600-4,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,300-4,350 रुपये प्रति क्विंटल। भाषा राजेश राजेश पाण्डेय

पाण्डेय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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