भुवनेश्वर, चार दिसंबर (भाषा) ओडिशा सरकार ने उप निरीक्षक के भर्ती घोटाले में कथित तौर शामिल एक आईटी कंपनी को सरकार के पैनल से हटा दिया है। एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने ‘सेवा समझौते के कई महत्वपूर्ण प्रावधानों का उल्लंघन’ करने के कारण भुवनेश्वर स्थित सिलिकॉन टेक लैब प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को ‘टियर-1’ पैनल से निकाल दिया है।
अधिसूचना के अनुसार ओडिशा पुलिस भर्ती बोर्ड (ओपीआरबी) ने 933 उप निरीक्षकों की भर्ती के लिए संयुक्त पुलिस सेवा परीक्षा (सीपीएसई) 2024 के आयोजन का काम पीएसयू (सार्वजनिक उपक्रम) आईटीआई लिमिटेड को आउटसोर्स किया था जिसने फिर इस काम का ठेका ‘सिलिकॉन टेकलैब’ को सौंपा।
इसके अनुसार सिलिकॉन टेक लैब ने ‘पंचसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज’ को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपीं।
अधिसूचना के मुताबिक, भर्ती में अनियमितताओं का पता तब चला जब 114 अभ्यर्थियों और तीन संदिग्ध बिचौलियों को 29 सितंबर की रात को आंध्र प्रदेश से लगी राज्य की सीमा पर उस समय पकड़ा गया जब वे भुवनेश्वर से विजयनगरम स्थित एक ‘विशेष कोचिंग’ केंद्र जा रहे थे।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभ्यर्थियों में से प्रत्येक ने गिरोह को 10 लाख रुपये दिए थे और नौकरी मिलने के बाद उन्हें 25-25 लाख रुपये और देने थे।
ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा ने कुछ और बिचौलियों को हिरासत में लिया और घोटाले के सरगना को गिरफ्तार कर लिया। इसी के साथ सिलिकॉन टेकलैब के मुख्य प्रवर्तक सुरेश नायक को भी गिरफ्तार किया गया।
अधिसूचना के अनुसार, यह मामला 12 नवंबर को सीबीआई को सौंप दिया गया था।
भाषा प्रचेता नोमान
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