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Friday, 1 May, 2026
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भारत की हरित अर्थव्यवस्था में 4,100 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित कर सकती है : अध्ययन

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नयी दिल्ली, 26 नवंबर (भाषा) भारत 2047 तक संचयी रूप से 4,100 अरब डॉलर का हरित निवेश आकर्षित कर सकता है और इससे 4.8 करोड़ नौकरियों के बराबर पूर्णकालिक अवसर (एफटीई) सृजित होने की संभावना है।

ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (सीईईडब्ल्यू) के एक स्वतंत्र अध्ययन में यह अनुमान लगाया गया।

अध्ययन में यह भी अनुमान लगाया गया है कि इसी अवधि तक भारत 1,100 अरब डॉलर के वार्षिक हरित बाजार का भी उपयोग कर सकता है।

देश के पहले इस तरह के राष्ट्रीय मूल्यांकन में ऊर्जा परिवर्तन, संसाधनों का महत्तम उपयोग करने वाली अर्थव्यवस्था, जैव-अर्थव्यवस्था तथा प्रकृति-आधारित समाधान जैसे क्षेत्रों में 36 हरित मूल्य श्रृंखलाओं की पहचान की गई है, जो मिलकर ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक निर्णायक हरित आर्थिक अवसर प्रस्तुत करती हैं।

अक्सर हरित अर्थव्यवस्था को सिर्फ सौर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहन तक सीमित समझा जाता है, लेकिन अध्ययन के मुताबिक इसका दायरा बहुत व्यापक है।

इसमें जैव-आधारित सामग्री, कृषि-वानिकी, हरित निर्माण, सतत पर्यटन, विनिर्माण, कचरे से मूल्य सृजन उद्योग और प्रकृति-आधारित आजीविका जैसे क्षेत्र शामिल हैं। ये सभी अगले दो दशक में अरबों डॉलर के क्षेत्र बन सकते हैं।

सीईईडब्ल्यू की रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल ऊर्जा रूपांतरण क्षेत्र ही 1.66 करोड़ नौकरियां पैदा कर सकता है और 37.9 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित कर सकता है। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा, भंडारण, वितरित ऊर्जा और स्वच्छ परिवहन शामिल हैं।

भाषा योगेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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