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Friday, 1 May, 2026
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भारत निवेशकों का भरोसेमंद साझेदार, ‘विकसित भारत’ के सफर में सह-निर्माता हैं निवेशकः मोदी

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(तस्वीरों के साथ)

हैदराबाद, 26 नवंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद साझेदार है और निवेशकों को विकसित भारत की यात्रा में सह-निर्माता के तौर पर देखता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद में फ्रांसीसी विमानन कंपनी सैफरान के विमान इंजन एमआरओ संयंत्र का ऑनलाइन माध्यम से उद्घाटन करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि भारत ने सैकड़ों व्यवसाय-संबंधी प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया है और राष्ट्रीय एकल-खिड़की व्यवस्था से विभिन्न अनुमोदन को एक मंच पर लाया गया है।

उन्होंने कहा कि जीएसटी सुधार, चेहरा-रहित कर आकलन, नए श्रम कानून और ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवाला संहिता (आईबीसी) के आने से शासन पहले से अधिक सरल और पारदर्शी बना है।

उन्होंने कहा, ‘‘इन कोशिशों से भारत को अब एक भरोसेमंद साझेदार, एक बड़े बाजार और उभरते विनिर्माण केंद्र के तौर पर देखा जा रहा है। आज भारत में तेजी से वृद्धि हो रही है, सरकार स्थिर है, सुधार पर ध्यान देने वाली सोच है, युवा प्रतिभाओं की भरमार है और एक बड़ा घरेलू बाजार है। सबसे जरूरी बात, भारत में निवेश करने वालों को देश सिर्फ निवेशक नहीं, बल्कि विकसित भारत के सफर में सह-निर्माता और हितधारक मानता है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का नागर विमानन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है और देश का घरेलू बाजार दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा है। भारतीय एयरलाइन कंपनियों ने 1,500 से अधिक नए विमानों का ऑर्डर दिया हुआ है।

उन्होंने बताया कि विमानों के रखरखाव, मरम्मत एवं देखभाल यानी एमआरओ का करीब 85 प्रतिशत काम विदेशों में होने से लागत बढ़ती है और विमानों को लंबे समय तक खड़ा रहना पड़ता है। इस चुनौती को देखते हुए सरकार भारत को वैश्विक एमआरओ केंद्र के रूप में विकसित कर रही है।

मोदी ने कहा कि सैफरान का इंजन एमआरओ केंद्र देश में पहली बार किसी वैश्विक विमान कंपनी द्वारा विस्तृत सर्विसिंग के लिए स्थापित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कंपनी की वैश्विक प्रशिक्षण और ज्ञान हस्तांतरण साझेदारी से आने वाले वर्षों में एमआरओ पारिस्थितिकी को नई दिशा मिलेगी और दक्षिण भारत के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत केवल विमानों की एमआरओ गतिविधियों तक ही सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि पोत परिवहन के लिए भी एमआरओ परिवेश तैयार करने और देश के ही भीतर डिजाइन गतिविधियों को भी बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रहा है।

सैफरान की इकाई सैफरान एयरक्राफ्ट इंजन सर्विसेज इंडिया (एसएईएसआई) ने हैदराबाद में अपने एमआरओ संयंत्र के विकास पर 1,300 करोड़ रुपये का शुरुआती निवेश किया है। यहां पर एयरबस ए320 निओ और बोइंग 737 मैक्स विमानों में इस्तेमाल होने वाले लीप इंजन की सर्विसिंग होगी।

इस संयंत्र को प्रति वर्ष 300 इंजन की सर्विसिंग क्षमता के साथ डिज़ाइन किया गया है और 2035 तक 1,000 से अधिक कुशल भारतीय तकनीशियन और इंजीनियर यहां कार्यरत होंगे। इस संयंत्र में 2026 में परिचालन शुरू होने वाला है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि भारत में एमआरओ क्षमताओं का विकास विदेशी मुद्रा की निकासी को कम करेगा, उच्च मूल्य वाले रोजगार के अवसर सृजित करेगा, आपूर्ति शृंखला की मजबूती बढ़ाएगा और भारत को वैश्विक विमानन केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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