कोलकाता, 25 नवंबर (भाषा) कनफेडरेशन ऑफ इंडियन स्मॉल टी ग्रोअर्स एसोसिएशन (सीआईएसटीए) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर उनकी वृद्धि को समर्थन देने के लिए एक राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग की है।
सीआईएसटीए के अध्यक्ष बिजॉय गोपाल चक्रवर्ती ने पत्र में कहा कि छोटे चाय उत्पादक (एसटीजी) देश में हर साल होने वाले कुल चाय उत्पादन में 50 प्रतिशत से ज़्यादा का योगदान देते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, एसटीजी को हरी चाय की पत्तियों की अस्थिर कीमतों, कर्ज तक सीमित पहुंच और सही वैज्ञानिक समर्थन के मामले में बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।’’
चक्रवर्ती ने कहा कि इस वजह से कई एसटीजी मालिक कर्ज के जाल में फंस जाते हैं।
निकाय ने कहा कि उत्पादन लागत तो बढ़ रही है, लेकिन कीमतों के मामले में उनकी कमाई कम हो रही है।
कनफेडरेशन के मुताबिक, एसटीजी काफी रोजगार पैदा करते हैं।
पत्र में कहा गया है कि एसटीजी द्वारा उगाई गई हरी चाय की पत्तियों के लिए न्यूनतम स्थिर मूल्य तय किया जाना चाहिए। साथ ही उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी अलग-अलग योजनाओं के तहत भी लाया जाना चाहिए और उन्हें संस्थागत समर्थन दिया जाना चाहिए।
सीआईएसटीए ने कहा कि एसटीजी के लिए एक राष्ट्रीय नीति बनाई जानी चाहिए।
भाषा अजय
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