नयी दिल्ली, 24 नवंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि उसने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों विंजो और गेम्सक्राफ्ट की लगभग 523 करोड़ रुपये की सामूहिक जमा राशि ‘फ्रीज’ कर दी है।
संघीय एजेंसी के मुताबिक, इन कंपनियों ने कथित तौर पर करोड़ों रुपये की धनराशि ‘रखी’ हुई थी, जिसे आदर्श रूप से खिलाड़ियों को वापस किया जाना चाहिए था, क्योंकि भारत ने हाल ही में वास्तविक धन वाले गेमिंग (आरएमजी) पर प्रतिबंध लगा दिया था।
ईडी ने इन मंचों की मूल कंपनियों- निर्देश नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड (एनएनपीएल), गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जीटीपीएल) और विंजो गेम्स प्राइवेट लिमिटेड- तथा उनके प्रवर्तकों के खिलाफ धनशोधन मामले की जांच के तहत 18 से 22 नवंबर के बीच दिल्ली, बेंगलुरु और गुरुग्राम में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी।
ये ऐप खिलाड़ियों को ऑनलाइन वास्तविक धन वाली गेमिंग सेवाएं प्रदान करते थे।
ईडी ने विंजो पर ‘‘आपराधिक गतिविधियों और कदाचार में संलिप्त होने का आरोप लगाया है, क्योंकि ग्राहकों को इस तथ्य से अवगत कराए बिना एल्गोरिदम के साथ खेलने के लिए मजबूर किया गया था कि वे सॉफ्टवेयर के साथ खेल रहे हैं, न कि वास्तविक धन वाले खेलों में वास्तविक खिलाड़ियों के साथ।’’
विंजो के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि कंपनी ‘‘जांच एजेंसी के साथ पूरा समन्वय कर रही है और प्रक्रिया में सहयोग करना जारी रखेगी’’।
ईडी ने एक बयान में कहा कि विंजो भारत से (भारतीय इकाई द्वारा उपयोग किए जाने वाले समान प्लेटफॉर्म पर) ब्राजील, अमेरिका और जर्मनी आदि देशों में वास्तविक धन वाले गेम (आरएमजी) संचालित कर रहा था।
संघीय एजेंसी ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार द्वारा आरएमजी पर प्रतिबंध (22/08/2025 से प्रभावी) के बाद भी, कंपनी के पास अब भी 43 करोड़ रुपये की राशि रखी है, जो गेमर्स/ग्राहकों को वापस किए जाने थे।’’
इडी के मुताबिक विंजो गेम्स के पास कथित तौर पर अपराध की आय से अर्जित लगभग 505 करोड़ रुपये की राशि को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जब्त कर लिया गया है। यह राशि बाण्ड, सावधि जमा और म्यूचुअल फंड के रूप में बैंक खातों में जमा है।
जांच एजेंसी ने गेम्सक्राफ्ट के खिलाफ इसी तरह के आरोप लगाए हैं जो पॉकेट52.कॉम नाम से ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवा प्रदान करती थी।
ईडी ने कहा कि सरकारी प्रतिबंध (ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम, 2025 के प्रचार और विनियमन के माध्यम से) के बाद भी, कंपनी द्वारा गेमर्स/ग्राहकों को वापस किए बिना अपने एस्क्रो खातों में 30 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ‘अब भी’ रखी गई है जिसे ‘फ्रीज’ कर दिया गया है।
भाषा धीरज सुरेश
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