(अदिति खन्ना)
लंदन, 22 नवंबर (भाषा) ब्रिटेन सरकार ने इस सप्ताह 200 वर्ष पुराने उन रंगीन और अनूठे चित्रों की एक श्रृंखला के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण आख्यानों में से एक को दर्शाते हैं।
देवी मां की उत्पत्ति और विजय को दर्शाने वाले 56 चित्रों की एक श्रृंखला को रखने के लिए एक खरीदार की तलाश की जा रही है। इन चित्रों का मूल्य लगभग 2,80,000 पाउंड है।
इस अनूठी श्रृंखला में, 56 चित्रों में सोने और चांदी के रंग का उपयोग किया गया है।
ब्रिटेन की संस्कृति मंत्री बैरोनेस फियोना ट्विक्रॉस ने कहा, ‘‘यह श्रृंखला न केवल सुंदर है, बल्कि ब्रिटेन में अद्वितीय है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्योंकि हमारे देश में इस तरह की कोई अन्य लगभग पूर्ण कथा मौजूद नहीं है, इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम इस श्रृंखला को ब्रिटेन में ही रखने का अवसर लें और शोधकर्ताओं को इसके रहस्यों को उजागर करने के लिए महत्वपूर्ण समय दें।’’
यह श्रृंखला लगभग पूरी तरह से अक्षुण्ण है, जिसमें मूल 59 चित्रों में से 56 पृष्ठ हैं, तथा आवरण पृष्ठ पर संस्कृत और हिन्दी में शिलालेख हैं, जिनमें अलग-अलग चित्रों के विषयों का वर्णन है।
ये लगभग 1810 की हैं और पंजाब के कांगड़ा क्षेत्र में चित्रित की गई थीं।
संस्कृति, मीडिया और खेल विभाग (डीसीएमएस) ने कहा, ‘‘ब्रिटेन में कोई अन्य तुलनीय श्रृंखला मौजूद नहीं है, जिसका अर्थ है कि यह निर्यात प्रतिबंध ऐसे सचित्र आख्यानों के निर्माण और विकास दोनों के अध्ययन के लिए एक अद्वितीय अवसर पैदा करता है।’’
ब्रिटेन सरकार ने इस सप्ताह कहा था कि ये चित्र ब्रिटेन और पंजाब के बीच जारी सांस्कृतिक संबंधों की याद दिलाते हैं, क्योंकि आधुनिक ब्रिटेन में दस लाख से अधिक हिंदू रहते हैं।
भाषा
देवेंद्र नेत्रपाल
नेत्रपाल
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