भुवनेश्वर, 20 नवंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत में इस्पात क्षेत्र की पूरी वृद्धि के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) जैसी प्रौद्योगिकी को अपनाने के साथ ही शोध और विकास (आरएंडडी) में अधिक निवेश करने की जरूरत है।
कुमारस्वामी ने यह बात यहां केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा की मौजूदगी में दो दिन के ‘चिंतन शिविर’ का उद्घाटन करने के बाद कही।
केंद्रीय इस्पात मंत्री ने प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता और परिचालन उत्कृष्टता बढ़ाने के लिए एआई, मशीन लर्निंग और डिजिटलीकरण जैसी तकनीक को अपनाने पर जोर दिया।
कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘भारत के इस्पात उद्योग की पूरी वृद्धि और मुकाबला करने की क्षमता सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों को मिलकर कोशिश करनी होगी। इसके लिए शोध और विकास में लगातार निवेश की भी जरूरत है।’’
इस मौके पर वर्मा ने कहा कि इस्पात भारत में अवसंरचना विकास की रीढ़ है, और यह देश के ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ने में अहम भूमिका निभाता है।
भाषा अजय पाण्डेय
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