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Wednesday, 29 April, 2026
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दिल्ली सरकार ने खादी को बढ़ावा देने की योजना बनाई

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नयी दिल्ली, 18 नवंबर (भाषा) मध्य प्रदेश के हथकरघा पार्क के अन्वेषणात्मक दौरे से लेकर स्कूलों में खादी को बढ़ावा देने के लिए एक कार्यक्रम तैयार करने तक, दिल्ली सरकार ने स्वदेशी कपड़े को बढ़ावा देने की योजना बनाई है।

दिल्ली खादी ग्रामोद्योग बोर्ड (डीकेवीआईबी) की हाल ही में एक बैठक हुई, जिसमें खादी को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

एक अधिकारी ने बताया कि बैठक के दौरान, कारीगरों व बुनकरों के कल्याण को खादी और हथकरघा उत्पादों के प्रचार हेतु इनक्यूबेशन डिज़ाइन, प्रोटोटाइपिंग और निर्माण हेतु दिल्ली में एक ‘खादी पार्क’ स्थापित करने पर विचार-विमर्श हुआ।

परिधान प्रशिक्षण एवं डिज़ाइन केंद्र के महानिदेशक विजय माथुर ने सुझाव दिया कि डीकेवीआईबी को मध्य प्रदेश के चंदेरी स्थित हथकरघा पार्क का दौरा करना चाहिए और पार्क के संचालन मॉडल और आकार का अध्ययन करना चाहिए। इसके बाद, दिल्ली में खादी पार्क स्थापित करने का निर्णय लिया जा सकता है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘बोर्ड ने चंदेरी स्थित हथकरघा पार्क का अन्वेषणात्मक दौरा करने का निर्णय लिया है और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।’’

दस एकड़ में फैले इस पार्क का निर्माण 30.69 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था और इसका उद्घाटन वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था। इसमें बुनकरों के लिए कई कार्यस्थल हैं।

बोर्ड ने डीकेवीआईबी द्वारा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश के केवीआईबी के लिए अध्ययन-सह-प्रदर्शन दौरों के आयोजन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।

अधिकारियों के अनुसार, डीकेवीआईबी अध्यक्ष ने यह भी सुझाव दिया कि स्कूलों में खादी को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

एक अधिकारी ने बताया कि बोर्ड ने खादी उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए स्कूल परिसरों में खादी बिक्री केन्द्र स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी, लेकिन यह सुझाव दिया गया कि शिक्षा विभाग को दिल्ली के स्कूलों में खादी को बढ़ावा देने के लिए एक कार्यक्रम तैयार करने का निर्देश दिया जा सकता है।

बोर्ड ने कनॉट प्लेस में एक बिक्री केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंज़ूरी दे दी है, जहां असली भौगोलिक संकेतक (जीआई) वाले उत्पाद उचित दामों पर बेचे जा सकेंगे।

अधिकारी ने कहा, ‘‘इससे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वदेशी के दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलेगा। इससे दिल्ली के कारीगरों के लिए रोज़गार भी सुनिश्चित होगा। तीन उत्पाद – उत्तम नगर टेराकोटा, सीलमपुर वुडक्राफ्ट और संगम विहार ग्लास बीड ज्वेलरी – जीआई टैग दिए जाने के लिए पहले से ही विचाराधीन हैं।’’

उन्होंने बताया कि सरकार ने खादी को बढ़ावा देने के लिए कुछ कार्यक्रम आयोजित किए हैं और ऐसे और भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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