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Tuesday, 31 March, 2026
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चालू रबी सत्र में 11 नवंबर तक गेहूं की बुवाई 17 प्रतिशत बढ़कर 66.23 लाख हेक्टेयर हुई

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नयी दिल्ली, 17 नवंबर (भाषा) बेहतर मानसून और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि के कारण चालू रबी (सर्दियों में बोई जाने वाली) सीजन में 11 नवंबर तक गेहूं का रकबा 17 प्रतिशत बढ़कर 66.23 लाख हेक्टेयर हो गया। सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।

एक साल पहले समान अवधि में गेहूं का रकबा 56.55 लाख हेक्टेयर था।

रबी बुवाई सत्र अक्टूबर से शुरू होता है। रबी फसलों की कटाई मार्च के अंत से शुरू होती है।

सोमवार को जारी एक सरकारी बयान के अनुसार, 11 नवंबर तक दलहन की बुवाई पहले के 48.93 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 52.82 लाख हेक्टेयर हो गई, जबकि धान का रकबा पिछले साल के 6.82 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 7.44 लाख हेक्टेयर हो गया।

‘श्री अन्न’ और मोटे अनाज का रकबा भी पहले के 13.50 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 15.53 लाख हेक्टेयर हो गया।

गैर-खाद्यान्न श्रेणी में, तिलहनों का रकबा चालू रबी सत्र में 11 नवंबर तक 66.17 लाख हेक्टेयर रहा, जो एक साल पहले इसी अवधि में 62.93 लाख हेक्टेयर था।

अब तक कुल रबी फसल की बुवाई का रकबा पहले के 188.73 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 208.19 लाख हेक्टेयर हो गया है।

पिछले महीने, सरकार ने विपणन वर्ष 2026-27 (अप्रैल-मार्च) के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 6.59 प्रतिशत की वृद्धि करके इसे 2,585 रुपये प्रति क्विंटल करने की घोषणा की। हालांकि, इसकी अधिकांश खरीद अप्रैल-जून की अवधि के बीच होती है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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