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Wednesday, 29 April, 2026
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केंद्रीय बैंक के खुलासों में पारदर्शिता, गोपनीयता के बीच संतुलन होना चाहिए: आरबीआई डिप्टी गवर्नर

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मुंबई, 14 नवंबर (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर शिरीष चंद्र मुर्मू ने शुक्रवार को यहां कहा कि केंद्रीय बैंक के खुलासों में पारदर्शिता और गोपनीयता के बीच एक अच्छा संतुलन होना चाहिए।

डिप्टी गवर्नर ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा एसईएसीईएन सेंटर के साथ संयुक्त रूप से आयोजित केंद्रीय बैंक लेखा पद्धतियों पर पहले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि केंद्रीय बैंक का लक्ष्य और उसकी जिम्मेदारी विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक रूप से भिन्न होती हैं, जो उनके ऐतिहासिक और संस्थागत संदर्भों को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों में केंद्रीय बैंक के कार्यों या भूमिकाओं में अंतर के बावजूद उनका मूल कार्य मौद्रिक नीति और वित्तीय स्थिरता है।

मुर्मू ने कहा कि आरबीआई एक पूर्ण-सेवा केंद्रीय बैंक के रूप में काम करता है और एक केंद्रीय बैंक से जुड़ी कई तरह की जिम्मेदारियां निभाता है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंकों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया कोई खास लेखांकन मानक नहीं है और इसलिए, उनके लेखांकन और खुलासा मानक काफी अगल होते हैं।

मुर्मू ने कहा कि केंद्रीय बैंक मुख्य रूप से आरबीआई अधिनियम 1934 और आरबीआई सामान्य विनियम 1949 के आधार पर अपने वित्तीय विवरण तैयार करता है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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