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Tuesday, 31 March, 2026
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ट्रंप चाहते हैं कि कुशल विदेशी कर्मी अमेरिकियों को प्रशिक्षत करें और अपने देश लौट जाएं: बेसेंट

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(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क/वाशिंगटन, 13 नवंबर (भाषा) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एच-1बी वीजा कार्यक्रम का बचाव करने के एक दिन बाद, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि इसके पीछे सोच कुशल विदेशी कामगारों को लाने की है जो अमेरिकियों को प्रशिक्षित करें और फिर स्वदेश लौट जाएं।

बेसेंट ने बुधवार को फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘यहां राष्ट्रपति का दृष्टिकोण विदेशी कामगारों को लाना है, जहां ये नौकरियां थीं, जिनके पास कौशल है। अमेरिकी कामगारों को प्रशिक्षित करने के लिए तीन, पांच, सात साल लगेंगे, फिर वे स्वदेश लौट जाएंगे। अमेरिकी कामगार पूरी तरह से कार्यभार संभाल लेंगे।’’

वित्त मंत्री से एच-1बी वीजा कार्यक्रम पर ट्रंप की नवीनतम टिप्पणी के बारे में पूछा गया था, जिसमें राष्ट्रपति ने कहा था कि अमेरिका को प्रतिभाओं को लाना होगा क्योंकि उसके पास ‘‘कुछ खास प्रतिभाएं’’ नहीं हैं।

बेसेंट ने कहा कि 20-30 वर्षों से, अमेरिका ने विनिर्माण क्षेत्र की नौकरियां विदेशों में स्थानांतरित कर दी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘और यहां राष्ट्रपति का कहना है कि हम यह नहीं कह सकते कि ‘आप रातों-रात जहाज बनाना सीख जाएंगे’। हम सेमीकंडक्टर उद्योग को वापस अमेरिका लाना चाहते हैं।’’

बेसेंट ने कहा, ‘‘तो विदेशी साझेदारों का आना, अमेरिकी कर्मियों को प्रशिक्षित करना और फिर स्वदेश लौट जाना, यह विचार है।’’

उन्होंने कहा कि अमेरिकियों को अब ये नौकरियां नहीं मिल सकतीं क्योंकि ‘‘हमने वर्षों से अमेरिका में जहाज नहीं बनाए हैं, हमने सेमीकंडक्टर नहीं बनाए हैं।’’

ट्रंप ने एच-1बी वीजा कार्यक्रम का बचाव करते हुए कहा था कि अमेरिका को दुनिया भर से प्रतिभाओं को लाना होगा।

फॉक्स न्यूज पर लॉरा इंग्राहम को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा था, ‘‘मैं सहमत हूं, लेकिन आपको प्रतिभाओं को भी लाना होगा।’’

ट्रंप इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या एच-1बी वीजा का मुद्दा उनके प्रशासन के लिए बड़ी प्राथमिकता वाला नहीं होगा।

जब इंग्राहम ने कहा कि ‘‘हमारे पास बहुत प्रतिभा है’’, तो ट्रंप ने कहा, ‘‘नहीं, आपके पास नहीं है। आपके पास कोई खास प्रतिभा नहीं है। और लोगों को सीखना होगा। आप लोगों को बेरोजगारी की कतार से हटाकर यह नहीं कह सकते कि, ‘मैं तुम्हें किसी कारखाने में लगा दूंगा, हम मिसाइलें बनाएंगें।’’

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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