मुंबई, 12 नवंबर (भाषा) टाटा मोटर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) गिरीश वाघ ने कहा है कि जीएसटी दर को युक्तिसंगत बनाने के बाद वाणिज्यिक वाहनों की मांग में बढ़ोतरी हुई है और चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में गिरावट के बाद जुलाई-सितंबर तिमाही में बाजार में तेजी आई है।
वाघ ने यह भी कहा कि वाणिज्यिक वाहन कारोबार की सूचीबद्घता से कंपनी को समग्र वाणिज्यिक वाहन और लॉजिस्टिक्स मूल्य श्रृंखला पर बेहतर रणनीतिक ध्यान केंद्रित करने और उसमें अवसरों की तलाश करने में मदद मिलेगी।
टाटा मोटर्स का वाणिज्यिक वाहन कारोबार को अब टाटा मोटर्स के नाम से शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया गया है। यह तब हुआ जब वाणिज्यिक वाहन और यात्री वाहन व्यवसाय अलग कर दिए गए। यह अलगाव एक अक्टूबर से लागू हुआ।
वाघ ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि साल की पहली छमाही काफी हद तक स्थिर रही, लेकिन इसमें कुछ बारीकियां भी हैं। पहली तिमाही में गिरावट देखी गई थी, लेकिन दूसरी तिमाही में बाजार में तेजी आई है। खासतौर पर मैं यह कहना चाहूंगा कि जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने के बाद मांग में अच्छी वृद्धि हुई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक और प्रभाव भी देखा है, जो कुल मिलाकर खपत में वृद्धि के कारण है। सड़क पर माल ढुलाई बढ़ रही है, जिससे ट्रकों का अधिक इस्तेमाल हो रहा है और इसलिए ट्रक मालिक अब अधिक संख्या में भारी और लंबी दूरी वाले ट्रक खरीद रहे हैं।’’
वाघ ने कहा कि कंपनी को साल की दूसरी छमाही में पहली छमाही की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
भाषा योगेश अजय
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