(विनय शुक्ला)
मॉस्को, 10 नवंबर (भाषा) भारत और रूस के बीच दिसंबर के पहले सप्ताह में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नयी दिल्ली यात्रा के दौरान श्रमिकों की आवाजाही को लेकर एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
यह समझौता रूस में कानूनी प्रवासन, श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और कुशल भारतीय जनशक्ति के विस्तार के लिए एक रूपरेखा स्थापित करेगा, क्योंकि रूस अपनी विस्तारित अर्थव्यवस्था में योग्य और कुशल श्रमिकों की तीव्र कमी महसूस कर रहा है।
खबरों के अनुसार, यह समझौता मौजूदा भारतीय श्रमिकों के लिए कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा तथा निर्माण, कपड़ा, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उद्योगों में हजारों नये पेशेवरों के लिए रास्ते खोलेगा।
वर्ष के अंत तक, रूसी श्रम मंत्रालय द्वारा प्रबंधित कोटे के तहत 70,000 से अधिक भारतीय नागरिकों को पूरे रूस में आधिकारिक तौर पर रोजगार मिलने की उम्मीद है।
मॉस्को स्थित इंडियन बिजनेस अलायंस (आईबीए) ने भारत और रूस के बीच आगामी समझौते का स्वागत किया है और इस पहल को भारत-रूस संबंधों के विस्तार में एक रणनीतिक मील का पत्थर माना है।
आईबीए अध्यक्ष सैमी मनोज कोटवानी ने कहा, ‘भारत के पास दुनिया के सबसे गतिशील और कुशल कार्यबलों में से एक है और रूस एक बड़े औद्योगिक परिवर्तन के दौर से गुज़र रहा है। यह समझौता दोनों पक्षों के लिए फ़ायदेमंद अवसर पैदा करेगा—यह रूसी अर्थव्यवस्था के लिए कुशल जनशक्ति प्रदान करते हुए भारतीय पेशेवरों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित करेगा।’
धोखेबाजों द्वारा भर्ती किए गए भारतीय नागरिकों द्वारा आव्रजन कानूनों के उल्लंघन के पिछले मामलों से बचने के लिए, आईबीए ने आने वाले भारतीय कामगारों के लिए अभिविन्यास और भाषा कार्यक्रम आयोजित करने और निष्पक्ष भर्ती चैनल और नैतिक रोजगार मानकों को बढ़ावा देने के लिए दोनों सरकारों और व्यावसायिक भागीदारों के साथ सहयोग करने की अपनी तत्परता व्यक्त की है।
आईबीए रूस में कार्यरत भारतीय नागरिकों का सुचारू एकीकरण और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास और क्षेत्रीय रूसी अधिकारियों के साथ भी समन्वय करेगा।
भाषा अमित नरेश
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