नयी दिल्ली, 10 नवंबर (भाषा) उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने ई-कॉमर्स मंचों के लिए पैकेज वस्तुओं के ‘मूल देश’ का फिल्टर अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिया है।
इस संशोधन से उपभोक्ताओं को ऑनलाइन खरीदारी करते समय उत्पादों की उत्पत्ति की आसानी से पहचान करने में मदद मिलेगी। यह कदम डिजिटल मार्केटप्लेस में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मसौदा विधिक माप विज्ञान (पैकेज जिंस) (द्वितीय) संशोधन नियम, 2025, मौजूदा 2011 के नियमों में संशोधन करेगा। इसके तहत आयातित उत्पाद बेचने वाली प्रत्येक ई-कॉमर्स इकाई को अपनी उत्पाद सूची के साथ मूल देश के लिए एक खोज योग्य फिल्टर देना होगा।
प्रस्तावित सुविधा से विशाल उत्पाद सूची में ऐसी जानकारी खोजने में लगने वाले समय में कमी आएगी।
संशोधन नियमों का मसौदा सार्वजनिक परामर्श के लिए विभाग की वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है। इस पर हितधारकों से 22 नवंबर, 2025 तक टिप्पणियां आमंत्रित की गई हैं।
भाषा पाण्डेय अजय
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