नयी दिल्ली, 31 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली की नयी आबकारी नीति के मसौदा प्रस्तावों में शराब की बड़ी एवं बेहतर दुकानों के प्रावधान और खुदरा विक्रेताओं के लिए प्रति बोतल मार्जिन बढ़ाने की सिफारिशें शामिल हो सकती हैं। एक आधिकारिक सूत्र ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
सूत्र ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा की अध्यक्षता वाली एक समिति द्वारा तैयार किया जा रहा यह मसौदा अंतिम चरण में है।
सूत्र ने बताया कि समिति की बैठक शुक्रवार को होनी थी, लेकिन उसे स्थगित कर दिया गया।
आधिकारिक सूत्र ने कहा, ”मौजूदा खुदरा ढांचे को जारी रखने का प्रस्ताव है, जिसमें दिल्ली सरकार की चार कंपनियां शहर में शराब की दुकानें चलाएंगी और कोई इसमें कोई भी निजी कंपनी शामिल नहीं होगी।”
उन्होंने कहा कि नई आबकारी नीति में देश में बनी विदेशी शराबों के लिए मौजूदा 50 रुपये और आयातित विदेशी शराब के लिए 100 रुपये प्रति बोतल तक मार्जिन बढ़ाने का प्रस्ताव हो सकता है।
बढ़े हुए मार्जिन से खुदरा शराब विक्रेताओं को सस्ती शराब रखने के बजाय महंगी शराब और विभिन्न प्रकार की वस्तुओं का स्टॉक करने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।
दिल्ली शहर में 700 से ज्यादा शराब की दुकानें हैं, जिनका संचालन चार सरकारी निगमों – दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम, दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम, दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम और दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक विक्रेता भंडार द्वारा किया जाता है।
भाषा पाण्डेय प्रेम
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